
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के मुख्य आरोपी और भवन मालिक हरिराम गुप्ता को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। इस खौफनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बाद पुलिस द्वारा चलाए गए एक व्यापक तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप यह सफलता हाथ लगी है।
आरोपी मालिक की धरपकड़ के लिए दिल्ली पुलिस ने कई मोर्चों पर कार्रवाई की थी। आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुबह ही हरिराम गुप्ता के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया था और उसका पासपोर्ट विवरण भी हासिल कर लिया था। इस सर्कुलर के जारी होने के बाद आरोपी को ट्रैक करने के लिए तीन से चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
पुलिस की जांच और पड़ताल के दौरान आरोपी की आर्थिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि की कई अहम जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस टीम ने जब सेक्टर 23 स्थित हरिराम की ‘हरिराम पेंट्स एंड हार्डवेयर’ नामक दुकान पर दबिश दी, तो वह पिछले दो दिनों से पूरी तरह से बंद और ताले में कैद मिली। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हरिराम पिछले 15 वर्षों से यह दुकान चला रहा था और इलाके के एक बड़े हार्डवेयर कारोबारी के रूप में उसकी पहचान थी।
पड़ोसियों ने यह भी खुलासा किया है कि गुप्ता परिवार इलाके में काफी रसूखदार है और सेक्टर 23 तथा पालम विहार जैसे इलाकों में उनके कई अन्य मकान और संपत्तियां भी मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।



