प्यार में कभी गिरना नहीं चाहिये, प्यार में आगे बढ़ना चाहिये: श्री श्री रविशंकर

ज्ञान बोझ है यदि वह आपके भोलेपन को छीनता है।ज्ञान बोझ है यदि वह आपके जीवन में एकीकृत नही है।ज्ञान बोझ है यदि वह प्रसन्नता नही लाता।ज्ञान बोझ है यदि वह आपको यह विचार देता है की आप बुद्धिमान है।

shri_shri

ज्ञान बोझ है यदि वह आपको स्वतंत्र नही करता।ज्ञान बोझ है यदि वह आपको ये प्रतीत कराता है की आप विशेष है।

 

शाश्वत इंतज़ार, अनंत धैर्य का होना बहोत जरुरी है। क्योकि जब आपके पास अनंत धैर्य होता है, तब आपको अपने पीछे भगवान को अनुभूति होती है। सतत प्रयास और कोशिश करते रहने से भी आप इसी जगह पर पहुँच सकते हो जबकि यदि कोई आपको सबसे ज्यादा ख़ुशी दे सकता है तो वह आपको दुःख भी दे सकता है।

यह भी पढ़ें:प्रेम कोई भावना नहीं है, यह आपका अस्तित्व है: श्री श्री रविशंकर

उस बात के लिए गुस्सा होना जो पहले से ही हो चुकी है, इसका कोई अर्थ नही है। आप हमेशा अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हो, नही करते तो बस आप घटित घटना को नए नजरिये से नही देखते।

 

प्यार में कभी गिरना नही चाहिये, प्यार में हमेशा आगे बढ़ना चाहिये।

 

मै आपको बताता हूँ कि, आपके मस्तिष्क के अलावा कोई भी दुसरी चीज़ आपको परेशान नही कर सकती। भले ही आपको ऐसा दिखाई देगा की दूसरे आपको परेशान कर रहे हो लेकिन वह आपका मस्तिष्क ही होगा।

अनंत मतलब सिमित चीजो या बातो को व्याप्त करना या विस्तृत करना है।

यह भी पढ़ें:कैसे हो भक्ति की ओर केन्द्रित,जिससे हो परमानंद की अनुभूति

जब तुम जीवन को ही पूजा मानते हो तो, प्रकृति तुम्हारी सभी इच्छाएं पूरी करती है

थोड़ा समय निकाल कर अपने भीतर मौन में जाओ, तुम उससे बोहत सारा बल पाओगे, तुम्हारी शोभा अनन्त बनेगी और..प्रेम अप्रबंधित हो जाएगा। हमारी चेतना का स्वभाव ही यही है

=>
LIVE TV