कांग्रेस ने किया मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव अभियान का शंखनाद, किसानों की प्रगति पर जोर

भोपाल| कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव अभियान का शंखनाद करते हुए यहां सोमवार को केंद्र की मोदी और मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर हमले बोले। साथ ही ऐलान किया कि कांग्रेस की सरकार बनी तो वह युवाओं और किसानों के लिए काम करेगी।

कांग्रेस ने किया मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव अभियान का शंखनाद, किसानों की प्रगति पर जोर

राजधानी भोपाल में सोमवार को रोड शो के बाद भेल के दशहरा मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, चीन में 24 घंटों में 50,000 युवाओं को रोजगार मिलता है, वहीं हमारे देश में इसी अवधि में सिर्फ 450 युवाओं को रोजगार मिलता है। इतना ही नहीं, देश के 15 उद्योगपतियों का 12़ 50 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया, मगर किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस के सत्ता में आने पर युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों का कर्ज माफ होगा।

राफेल लड़ाकू विमान खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि, “अपने को देश का चौकीदार बताने वाले प्रधानमंत्री ने राफेल विमान खरीदने का ठेका अपने दोस्त अनिल अंबानी को दिया है, यह विमान 700 करोड़ का है, मगर इसे 1600 करोड़ रुपये में खरीदा गया। वह भी अनिल अंबानी से। सरकार की कंपनी भारत एरेनॉटिक लिमिटेड से छीनकर ठेका अंबानी को दिया गया।”

राहुल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विजय माल्या 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर भागने से पहले देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली से मिला था, जेटली को माल्या ने लंदन जाने की बात बताई थी, लेकिन जेटली ने न पुलिस को बताया और न सीबीआई को, उसे भागने का मौका दे दिया। यह जनता का पैसा है, चौकीदार ने चोर को भागने का मौका दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने को देश का चौकीदार बताया था और भरोसा दिलाया था कि वह किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देंगे। मगर देश के बैंकों के करोड़ों रुपये लेकर नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या लेकर भाग गया। देश को ऐसा चौकीदार नहीं चाहिए।

राहुल गांधी ने कांग्रेस और भाजपा को अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टी बताया और कहा कि भाजपा वाले नफरत और क्रोध करना सिखाते हैं, वहीं कांग्रेस प्यार और सहनशीलता सिखाती है। दोनों में यह बुनियादी फर्क है।

मध्यप्रदेश में इसी साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है। राहुल ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया है कि अब कांग्रेस में पैराशूट से टपकने वालों को चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। जिसने लाठी खाई, कांग्रेस की लड़ाई लड़ी, वही चुनाव में उम्मीदवार होगा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर सबसे पहली प्राथमिकता में किसान और नौजवान होंगे, दूसरे स्थान पर कार्यकर्ता और उसके बाद ही नेताओं का स्थान होगा।

राहुल ने कहा कि अब चुनाव में कांग्रेसी को ही प्राथमिकता मिलेगी, उन लोगों को किसी भी सूरत में उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा, जो दूसरे दल से आते हैं। दूसरे दल से आने वालों का स्वागत है, मगर उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा।

कांग्रेस प्रमुख ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश किसान आत्महत्या, दुष्कर्म, बेरोजगारी में नंबर एक पर है, मगर शिवराज घोषणाओं पर घोषणाएं किए जा रहे हैं, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को ‘रन मशीन’ कहा जाता था, ठीक वैसे ही शिवराज ‘घोषणा मशीन’ बन गए हैं। अब तक 21,000 घोषणाएं कर चुके हैं।

व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि व्यापम ने मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया। इससे जुड़े 50 लोगों की हत्या हुई, ई-टेंडरिंग घोटाला हुआ। राज्य में कांग्रेस की सरकार आने पर व्यापम और ई-टेंडरिंग घोटाले को आरोपियों को विजय माल्या की तरह भागने नहीं देंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव से देश में बदलाव की शुरुआत होगी, वर्ष 2019 के चुनाव में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाएंगे।
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उन्होंने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं से कहा जा रहा है कि वे पकोड़े तलें और दूसरी ओर बाबाओं को मंत्री बनाया जा रहा है। राहुल गांधी के आने से कार्यकर्ताओं में आए जोश ने भाजपा के होश उड़ा दिए हैं।

प्रदेश की इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह ऐसी सरकार है, जिसने राज्य को किसान आत्महत्या, दुष्कर्म, बेरोजगारी में नंबर एक पर ला खड़ा किया है। आने वाले चुनाव में प्रदेश में बदलाव होकर रहेगा।

राहुल गांधी ने इस दौरान पार्टी का कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए। मुख्यरूप से महिला सुरक्षा और युवाओं के रोजगार को लेकर सवाल पूछे गए।

मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, सांसद विवेक तन्खा, कांति लाल भूरिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी भी मौजूद थे।

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