प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : लगनशीलता

लगनशीलता

एक बार एक सीधे पहाड़ में चढ़ने की प्रतियोगिता हुई. बहुत लोगों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता को देखने वालों की सब जगह भीड़ जमा हो गयी. माहौल में सरगर्मी थी , हर तरफ शोर ही शोर था. प्रतियोगियों ने चढ़ना शुरू किया। लेकिन सीधे पहाड़ को देखकर भीड़ में एकत्र ...

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प्रेरक प्रसंग : अपने जीवन को बनाएं सकारात्मक

किसी समय की बात है रामनगर शहर में एक प्रसिद्द चित्रकार रहता था. देश-विदेश में शाम को जब वो पेंटिंग देखने चौराहे पर गया तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गयीं… पेंटिंग पे सैकड़ों निशान लगे हुए थे.  वह बहुत निराश हो गया और चुपचाप अपनी पेंटिंग उठा कर ...

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प्रेरक-प्रसंग: अपनी संगत अच्छी रखो…

प्रेरक

एक अध्यापक अपने शिष्यों के साथ घूमने जा रहे थे । रास्ते में वे अपने शिष्यों के अच्छी संगत की महिमा समझा रहे थे । लेकिन शिष्य इसे समझ नहीं पा रहे थे । तभी अध्यापक ने फूलों से भरा एक गुलाब का पौधा देखा । उन्होंने एक शिष्य को ...

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प्रेरक-प्रसंग: समय पाबन्दी का महत्त्व…

महात्मा

बात उस समय की है जब मोहनदास करमचंद गाँधी सातवीं कक्षा में पढ़ते थे | स्कूल के प्रधान अध्यापक दोरबजी एदुलजी गिमी थे | वह बहुत अनुशासन प्रिय थे और उन्होंने ऊँची के विधार्थियों के लिए व्यायाम, खेल – कूद और क्रिकेट अनिवार्य कर रखा था | मोहनदास को व्यायाम ...

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प्रेरक-प्रसंग: केवल लक्ष्य पर ध्यान लगाना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए

केवल लक्ष्य पर ध्यान लगाना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए

एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरिका में भ्रमण कर रहे थे। अचानक, एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाते देखा। किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था। तब उन्होंने ...

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प्रेरक-प्रसंग: जिंदगी कुदरत का एक अमूल्य उपहार है…

एलेक्सेंडर

सिकंदर मकदूनिया (मेसेडोनिया) का ग्रीक शासक था. उसे एलेक्जेंडर तृतीय और एलेक्जेंडर मेसेडोनियन नाम से भी जाना जाता है। वह अपनी मृत्यु  तक हर उस जमीन को जीत चुका था जिसकी जानकारी प्राचीन ग्रीक के लोगों को थी। वही सिकन्दर जब अपनी जिंदगी की आखरी सांसे ले रहा था तब ...

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प्रेरक-प्रसंग: असली सुन्दरता हमारे अच्छे कार्यों में है…

crow

एक कौआ सोचने लगा कि पंछियों में मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूँ। न तो मेरी आवाज ही अच्छी है, न ही मेरे पंख सुंदर हैं। मैं काला-कलूटा हूँ। ऐसा सोचने से उसके अंदर हीनभावना भरने लगी और वह दुखी रहने लगा। एक दिन एक बगुले ने उसे उदास देखा तो ...

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प्रेरक-प्रसंग: आज्ञा का पालन…

रेगिस्तान

एक समय की बात है। रेगिस्तान के किनारे स्थित एक गाँव में एक व्यापारी रहता था।  वह ऊँटों का व्यापार करता था। वह ऊँटों के बच्चों को खरीदकर उन्हें शक्तिशाली बनाकर बेचा करता था। इससे वह ढेर सारा लाभ कमाता था।     व्यापारी ऊँटों को पास के जंगल में ...

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प्रेरक-प्रसंग: सफलता की तैयारी में करनी पड़ती है कड़ी मेहनत…

picasso

पिकासो स्पेन में जन्मे एक बहुत मशहूर चित्रकार थे | उनकी पेंटिंग दुनियाभर में करोड़ो रुपए में बिका करती थी | दुनियाभर के लोग उनकी पेंटिंग के दीवाने थे | एक बार पिकासो किसी काम से कही जा रहे थे, तभी वे रात  को किसी छोटे शहर में होटल में ...

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प्रेरक-प्रसंग: दूसरों का भला करने वाला सदा सुखी रहता है…

प्रसंग

एक व्यक्ति को रस्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास ...

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