प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग: जब क्रोध बना विनाश का कारण

जब क्रोध बना विनाश का कारण

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ मे निर्णायक थी- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर ...

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प्रेरक-प्रसंग: एक पंडित की कहानी… जिसे वेश्या ने दिया ‘गुरु-मंत्र’

प्रेरक-प्रसंग

एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे। गांव के एक किसान ने उनसे पूछा, पंडित जी आप हमें यह बताइए कि पाप का गुरु कौन है? प्रश्न सुन कर पंडित जी चकरा गए, क्योंकि भौतिक व आध्यात्मिक गुरु तो होते ...

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प्रेरक-प्रसंग: उस मेंढक की कहानी जिसकी हिम्मत के सामने मौत भी हार गई

मेंढक

एक बार की बात है कि किसी तालाब में दो मेंढक रहते थे जिनमें से एक बहुत मोटा था और दूसरा पतला| एक सुबह जब वे दोनों खाने की तलाश में निकले थे, अचानक एक दूध के बड़े बर्तन में गिर गये, जिसके किनारे बहुत चिकने थे और इसी वजह ...

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प्रेरक-प्रसंग: सुंदर चेहरे पर मर मिटने वालों को सबक सिखा देगी ये कहानी

प्रेरक-प्रसंग

यूनान के महान दार्शनिक सुकरात सुदर्शन नहीं थे. उनका चेहरा कुरूप था. एक दिन अपने कक्ष में बैठकर वह आईने में अपना चेहरा देख रहे थे. तभी उनके एक शिष्य ने कक्ष में प्रवेश किया. सुकरात को आईना देखते हुए पाकर शिष्य के होंठों पर मुस्कराहट तैर गई. यह देख ...

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प्रेरक-प्रसंग : पिंजरे में कैद पंछी ने दी ये बड़ी सीख

पिंजरे में कैद पंछी ने दी ये बड़ी सीख

चंद्र प्रकाश के चार साल के बेटे को पंछियों से बेहद प्यार था। वह अपनी जान तक न्योछावर करने को तैयार रहता। ये सभी पंछी उसके घर के आंगन में जब कभी आते तो वह उनसे भरपूर खेलता। उन्हें जी भर कर दाने खिलाता। पेट भर कर जब पंछी उड़ते ...

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किसी ने सही कहा है, सम्मान चाहिए तो पहले सम्मान देना सीखें

सम्मान चाहिए तो पहले सम्मान देना सीखें

बहुत पुरानी बात है। एक व्यक्ति अक्सर धर्मग्रंथों का मजाक उड़ाया करता था। वह नास्तिक था। वह ईश्वर में विश्वास करने वालों का सम्मान नहीं करता था। वह उनसे वैचारिक बहस न करके, कुतर्कों के जरिए उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश करता था। एक दिन वह एक पादरी के पास ...

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प्रेरक-प्रसंग: लालच बनी मौत

लालच बनी मौत

रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से शीरे के बड़े-बड़े ड्रम उतारे जा रहे थे। उन ड्रमों से थोड़ा-थोड़ा शीरा मालगाड़ी के पास नीचे ज़मीन पर गिर रहा था। जहाँ शीरा गिरा था मक्खियाँ आकर बैठ गई और शीरा चाटने लगीं। ऐसा करने से उनके छोटे-छोटे मुलायम पंख उस शीरे में ही ...

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प्रेरक-प्रसंग: बेटे को मैं सिखाऊंगा और बेटी मुझे

बेटे को मैं सिखाऊंगा और बेटी मुझे

एक गर्भवती महिला अपने पति से पूछा, आप क्या उम्मीद कर रहे हैं। यह लड़का होगा या लड़की? पति ने कहा, अगर हमारा कोई लड़का है, तो मैं उसे मैथ्स सिखाऊंगा, हम स्पोर्ट्स के लिए जाएंगे, मैं उसे कई सारी चीजें सिखाऊंगा। पत्नी ने हंसते हुए कहा- और अगर इसकी ...

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प्रेरक-प्रसंग: धर्म बहुत कुछ कहता है लेकिन क्या?

धर्म बहुत कुछ कहता है लेकिन क्या

वाराणसी में गंगा के किनारे एक गुरुजी रहते थे। उनके अनेक शिष्य थे। इस तरह आखिर वह दिन आया जब शिक्षा पूरी होने के बाद गुरुदेव उन्हें अपना आशीर्वाद देकर विदा करने वाले थे। सुबह गंगा में स्नान करने के बाद गुरुदेव और सभी शिष्य पूजा करने बैठ गए। सभी ...

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प्रेरक-प्रसंग: एक कहानी… उन इंसानों के लिए जो अपने धर्म को सबसे उंचा बताते हैं

प्रेरक-प्रसंग

बात उन दिनों की है जब भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक छोटे हुआ करते थे। वे मद्रास के एक ईसाई मिशन स्कूल में पढ़ते थे। एक दिन की बात है जब वह अपनी ...

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