प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : कौआ बन गया मोर

कौआ बन गया मोर

एक कौआ जब-जब मोरों को देखता, मन में कहता- भगवान ने मोरों को कितना सुंदर रूप दिया है। यदि मैं भी ऐसा रूप पाता तो कितना मजा आता। एक दिन कौए ने जंगल में मोरों की बहुत सी पूंछें बिखरी पड़ी देखीं। वह अत्यंत प्रसन्न होकर कहने लगा- वाह भगवान! ...

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प्रेरक-प्रसंग: अभिमान आपका सबसे बड़ा दुश्मन

अभिमान

एक घर के मुखिया को यह अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी दुकान थी। उससे जो आय होती थी, उसी से उसके परिवार का गुजारा चलता था। चूंकि कमाने वाला वह अकेला ही था इसलिए उसे लगता था कि उसके ...

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प्रेरक-प्रसंग: जीवन का पाठ

जीवन का पाठ

तपस्वी जाजलि श्रद्धापूर्वक वानप्रस्थ धर्म का पालन करने के बाद खड़े होकर कठोर तपस्या करने लगे। उन्हें गतिहीन देखकर पक्षियों ने उन्हें कोई वृक्ष समझ लिया और उनकी जटाओं में घोंसले बनाकर अंडे दे दिए। अंडे बढे़ और फूटे, उनसे बच्चे निकले। बच्चे बड़े हुए और उड़ने भी लगे। एक ...

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प्रेरक-प्रसंग : नरक का द्वार

नरक का द्वार

एक युवक था। वह बंदूक और तलवार चलाना सीख रहा था। इसलिए वह यदा-कदा जंगल जाकर खरगोश, लोमड़ी और पक्षियों आदि का शिकार करता। शिकार करते-करते उसे यह घमंड हो गया कि उसके जैसा निशानेबाज़ कोई नहीं है और न उसके जैसा कोई तलवार चलाने वाला। आगे चलकर वह इतना ...

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प्रेरक-प्रसंग: अहंकार ही पतन का कारण है

अहंकार ही पतन का कारण है

एक मूर्तिकार उच्चकोटि की ऐसी सजीव मूर्तियाँ बनाता था, जो सजीव लगती थीं। लेकिन उस मूर्तिकार को अपनी कला पर बड़ा घमंड था। उसे जब लगा कि जल्दी ही उसकी मृत्यु होने वाली है तो वह परेशानी में पड़ गया। यमदूतों को भ्रमित करने के लिये उसने एकदम अपने जैसी ...

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प्रेरक-प्रसंग : भगवान और सेवक

भगवान और सेवक

एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे। एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बन कर खड़ा हो जाता हूँ। आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ। भगवान मान जाते हैं, लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग प्रार्थना ...

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प्रेरक-प्रसंग: सच्ची खुशी दूसरों को खुश करने में है

प्रेरक-प्रसंग

चंद्र प्रकाश के चार साल के बेटे को पंछियों से बेहद प्यार था। वह अपनी जान तक न्योछावर करने को तैयार रहता। ये सभी पंछी उसके घर के आंगन में जब कभी आते तो वह उनसे भरपूर खेलता। उन्हें जी भर कर दाने खिलाता। पेट भर कर जब पंछी उड़ते ...

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प्रेरक-प्रसंग: जाने-अनजाने किए गए पाप के लिए ये सजा देता है भगवान

प्रेरक-प्रसंग

एक समय एक राजा के दरबार में ब्राह्मणभोज का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में ब्राह्मणों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया और इसके लिए छप्पनभोग महल के खुले आंगन में बनवाए गए। उसी वक्त अनजाने में एक हादसा हो गया। खुले में पक रही रसोई के ऊपर से ...

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प्रेरक-प्रसंग: दृढ़ निश्चय ने बना दिया इंसान

प्रेरक-प्रसंग

बालक युनेज-सैंडो अत्यंत दुर्बल ओर रोगी था। अपनी बुरी आदतों के कारण उसने बचपन में ही अपना स्वास्थ्य खराब कर लिया। एक दिन सैंडो अपने पिता के साथ अजायबघर देखने गया। रोम की गैलरी में उसने प्राचीनकाल के बलिष्ठ पुरुषों की मूर्तियां देखी। उसे विश्वास न हुआ कि ऐसे माँसल ...

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प्रेरक-प्रसंग : भगवान बुद्ध

भगवान बुद्ध

भगवान बुद्ध धर्म प्रचार करते हुए काशी की ओर जा रहे थे। रास्ते में जो भी उनके सत्संग के लिए आता, उसे वह बुराइयां त्यागकर अच्छा बनने का उपदेश देते। उसी दौरान उन्हें उपक नाम का एक गृहत्यागी मिला। वह गृहस्थ को सांसारिक प्रपंच मानता था और किसी मार्गदर्शक की ...

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