प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग : गुरु-चेला

गुरु-चेला

एक दरोगा संत दादू की ईश्वर भक्ति और सिद्धि से बहुत प्रभावित था। उन्हें गुरु मानने की इच्छा से वह उनकी खोज में निकल पड़ा। लगभग आधा जंगल पार करने के बाद दरोगा को केवल धोती पहने एक साधारण-सा व्यक्ति दिखाई दिया। वह उसके पास जाकर बोला, “क्यों बे तुझे ...

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प्रेरक-प्रसंग : बुरी संगति

बुरी संगति

पुराने समय की बात है। एक राज्य में एक राजा था। किसी कारण से वह अन्य गाँव में जाना चाहता था। एक दिन वह धनुष-बाण सहित पैदल ही चल पड़ा। चलते-चलते राजा थक गया। अत: वह बीच रास्ते में ही एक विशाल पेड़ के नीचे बैठ गया। राजा अपने धनुष-बाण ...

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ये है जिंदगी में खुश रहने का इकलौता तरीका

इकलौता तरीका

किसी नगर में एक विद्वान साधु रहता था। लोग उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते और समाधान पाकर प्रसन्नचित्त होकर लौट जाते। एक दिन एक सेठ साधु के पास आकर बोला, ‘महाराज, मेरे पास किसी चीज की कमी नहीं है फिर भी मेरा मन अशांत रहता है। कृपया बताएं कि ...

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प्रेरक-प्रसंग : राजा की चतुराई

राजा की चतुराई

वजीर के अवकाश लेने के बाद बादशाह ने वजीर के रिक्त पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवार बुलवाए। कठिन परीक्षा से गुज़र कर तीन उम्मीदवार योग्य पाए गए। तीनों उम्मीदवारों से बादशाह ने एक-एक कर एक ही सवाल किया, ‘मान लो मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एकसाथ आग लग जाए ...

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आज का पंचांग, 13 फरवरी 2019, दिन-बुधवार

आज का पंचांग

विक्रम संवत:- 2075 शक संवत:- 1940 वार:-बुधवार ऋतु:- हेमन्त अयन:- दक्षिणायण मास:- माघ पक्ष:-शुक्ल पक्ष नक्षत्र:अश्विनी योग:-शुभ तिथि:-अष्टमी दिशाशूल:- उत्तर में सूर्योदय:- 07:01 सूर्यास्त:- 06:09 राहुकाल:- दोपहर   02:20 से 04:42 बजे तक =>

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प्रेरक-प्रसंग : दिलों में दूरियां

दिलों में दूरियां

एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने सभी शिष्यों से एक सवाल पूछा। बताओ जब दो लोग एक दूसरे पर गुस्सा करते हैं तो जोर-जोर से चिल्लाते क्यों हैं? शिष्यों ने कुछ देर सोचा और एक ने उत्तर दिया : हम अपनी शांति खो चुके ...

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प्रेरक-प्रसंग : सही चुनाव

सही चुनाव

एक राजा को अपने दरबार के किसी उत्तरदायित्वपूर्ण पद के लिए योग्य और विश्वसनीय व्यक्ति की तलाश थी। उसने अपने आस-पास के युवकों को परखना शुरू किया। लेकिन वह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच पाया। तभी एक महात्मा का पदार्पण हुआ, जो इसी तरह यदा-कदा अतिथि बनकर सम्मानित हुआ करते ...

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प्रेरक-प्रसंग: आपके निर्णय लेने की क्षमता बढ़ा देगी राजा और तोते की ये कहानी

राजा और तोते

बहुत समय पहले हरिशंकर नाम का एक राजा था। उसके तीन पुत्र थे और अपने उन तीनों पुत्रों में से वह किसी एक पुत्र को राजगद्दी सौंपना चाहता था। पर किसे? राजा ने एक तरकीब निकाली और उसने तीनो पुत्रों को बुलाकर कहा – अगर तुम्हारे सामने कोई अपराधी खड़ा ...

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प्रेरक-प्रसंग: जब क्रोध बना विनाश का कारण

जब क्रोध बना विनाश का कारण

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ मे निर्णायक थी- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर ...

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प्रेरक-प्रसंग: एक पंडित की कहानी… जिसे वेश्या ने दिया ‘गुरु-मंत्र’

प्रेरक-प्रसंग

एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे। गांव के एक किसान ने उनसे पूछा, पंडित जी आप हमें यह बताइए कि पाप का गुरु कौन है? प्रश्न सुन कर पंडित जी चकरा गए, क्योंकि भौतिक व आध्यात्मिक गुरु तो होते ...

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