प्रेरक प्रसंग

प्रेरक-प्रसंग: जीवन में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशनल विचार

जीवन में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशनल विचार

वैसे तो हर कोई अपने जीवन में सफलता पाना चाहता है लेकिन यदि सफलता के राहो में थोड़ा भी नकारात्मक सोच (Negative Thinking) आती है तो हो सकता है अपने सफलता के बढ़ते हुए रास्ते से लोग भटक सकते है ऐसे में आगे बढ़ने के लिए हौसलों और सकरात्मक सोच ...

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प्रेरक-प्रसंग : आम का पेड़

आम का पेड़

एक समय की बात है गौतम बुद्ध किसी उपवन में विश्राम कर रहे थे। तभी बच्चों का एक झुंड आया और पेड़ों पर पत्थर मारकर आम तोड़ने लगा। तभी एक पत्थर बुद्ध के सर पर लगा और उस से खून बहने लगा। बुद्ध की आँखों में आंसू आ गये। बच्चों ने देखा तो ...

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प्रेरक-प्रसंग : निंदकों को कौन रोक सका

रवीन्द्रनाथ टैगोर विशिष्ट कवि थे। वे विचारक ही नहीं, शांत साधक भी थे। वे भयमुक्त थे। उनका स्वभाव बहुत शांत था। लेकिन निंदकों को कौन रोक सका है। कुछ लोग रविन्द्रनाथ टैगोर जी की भी निंदा करते थे। शरदबाबू और टैगोर एक बार उनके मित्र शरदबाबू ने टैगोर से कहा, ...

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प्रेरक-प्रसंग: केवल लक्ष्य पर ध्यान लगाना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए

केवल लक्ष्य पर ध्यान लगाना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए

एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरिका में भ्रमण कर रहे थे। अचानक, एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाते देखा। किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था। तब उन्होंने ...

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प्रेरक-प्रसंग: दूसरों का भला करने वाला सदा सुखा रहता है…

moral stories

एक व्यक्ति को रस्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास ...

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प्रेरक-प्रसंग: मुसीबत में फँसे व्यक्ति की सहायता करो…

मैना

जाड़े का दिन था और शाम हो गयी थी। आसमान में बादल छाये थे। एक नीम के पेड़ पर बहुत से कौवे  बैठे हुए थे। वे सब बा- बार कॉव – कॉव कर रहे थे एवं एक दूसरे से झगड़ भी रहे थे। इसी समय एक छोटी मैना (starling) आयी ...

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प्रेरक-प्रसंग: ईर्ष्या, घृणा से दूर रहें…

कहानी

सेठ अमीरचंद के पास अपार धन दौलत थी। उसे हर तरह का आराम था लेकिन उसके मन को शांति नहीं मिल पाती थी। हर पल उसे कोई न कोई चिंता परेशान किये रहती थी। एक दिन वह कहीं जा रहा था तो रास्ते में उसकी नजर एक आश्रम पर पड़ी। ...

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प्रेरक-प्रसंग: दूसरों से तुलना बुद्धिमानी नहीं…

कौआ

एक कौआ सोचने लगा कि पंछियों में मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूँ। न तो मेरी आवाज ही अच्छी है, न ही मेरे पंख सुंदर हैं। मैं काला-कलूटा हूँ। ऐसा सोचने से उसके अंदर हीनभावना भरने लगी और वह दुखी रहने लगा। एक दिन एक बगुले ने उसे उदास देखा तो ...

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प्रेरक-प्रसंग: परिश्रम सबसे बड़ा धन है

किसान

एक किसान के चार पुत्र थे । चारों के चारों पुत्र बड़े आलसी और निकम्मे प्रवृत्ति के थे। उनके भविष्य को लेकर बेचारा बुढ़ा किसान चिंतित रहता था और पिछले कुछ दिनों से उसको अपनी तबियत भी नसार लग रही थीं। स्वास्थ्य को लेकर अपने उसका अंदाजा बिल्कुल सही था ...

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प्रेरक-प्रसंग: कभी अपना कर्तव्य न भूलो…

बिच्छू

एक समय की बात है । एक नदी में एक महात्मा स्नान कर रहे थे । तभी एक बिच्छू जो पानी में डूब रहा था, उसे बचाते हुए बिच्छु ने महात्मा को डंक मार दिया ।   महात्मा ने उसे कई बार बचाने की कोशिश की । बिच्छू ने उन्हें ...

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