
संसद के मानसून सत्र में गुरुवार का दिन विधायी कामकाज के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी, जिसके बाद आवास एवं शहरी मामलों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मंत्री सदन पटल पर जरूरी दस्तावेज रखेंगे। इसके अलावा, विदेश मामलों से जुड़ी स्थायी समिति भारत की आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भूमिका और उपस्थिति से संबंधित अपनी दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी सदन में पेश करेगी।
दिन की कार्यवाही आगे बढ़ने पर नियम 377 के तहत कई सांसद अपने-अपने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दे उठाएंगे। इसके बाद सौगत राय, एनके प्रेमचंद्रन और डीन कुरियाकोस द्वारा सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को लेकर लाए गए सांविधिक प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इस चर्चा के बाद निचले सदन में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में बदलाव से जुड़े ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026’ पर विचार कर उसे पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दूसरी तरफ, राज्यसभा में संस्कृति, पृथ्वी विज्ञान, संचार, श्रम, पर्यावरण और विदेश मंत्रालय के मंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। इसके साथ ही उच्च सदन में आज देश भर में चर्चा का विषय बने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ पर भी विस्तृत चर्चा कर उसे पारित किया जा सकता है।
इस अहम बिल का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर सख्ती से लगाम लगाना है, जिसमें अपराधों की त्वरित जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स, भारी जुर्माना और तय समय सीमा में सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं।
राज्यसभा में इसके अलावा ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जो एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए लाया गया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बुधवार को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक को लंबी और तीखी बहस के बाद पारित किया जा चुका है।
सदन में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच परीक्षा सुधारों और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों को लेकर काफी हंगामा हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के विस्तृत जवाब के साथ इस विधेयक को निचले सदन से मंजूरी मिल गई थी और अब इसे राज्यसभा में पेश किया जा रहा है।



