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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर: ईरान-अमेरिका संघर्ष बढ़ा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नया संकट

पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी अस्थिरता अब और गहराती जा रही है। जून में हुए ‘इस्लामाबाद समझौते’ के महज दो हफ्ते बाद ही 60 दिनों का संघर्ष विराम टूट गया है। क्षेत्र एक बार फिर तनाव के चरम पर पहुंच गया है।

विवाद की जड़ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा सऊदी अरब और कतर के तेल टैंकरों पर हमले के बाद स्थिति बिगड़ गई। अमेरिका ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया और ईरान के अंदर 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

अमेरिका ने ईरान को दी गई तेल निर्यात की छूट भी वापस ले ली है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे कुवैत में एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल और WTI 71 डॉलर के पार पहुंच गई है। अगर तनाव जारी रहा तो ईंधन की कीमतों में और उछाल तथा आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ सकता है।

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