
उत्तराखंड में मानसून अभी दस्तक भी नहीं दे पाया है, लेकिन भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। चमोली जिले के नारायण बगड़ बाजार में देर रात अचानक सूखे नाले में उफान आ गया और भारी मात्रा में मलबा, पत्थर व बोल्डर बाजार में घुस आए। इससे सड़क पर खड़े कई वाहन मलबे में दब गए और आसपास की दुकानों व घरों को भी नुकसान पहुंचा।
रात के समय अचानक आई इस आपदा से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते अपने घरों से बाहर निकले। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी और मलबा इतनी तेजी से आया कि कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। सरस्वती शिशु मंदिर परिसर और हॉस्पिटल आवास क्षेत्र भी प्रभावित हुए। ग्वालदम हाईवे मलबे से पूरी तरह बंद हो गया था।
सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी के निर्देश पर राहत एवं बचाव टीम मौके पर पहुंची। हाईवे से मलबा हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है, जबकि बाजार में मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।



