
उत्तराखंड की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में छह महीने से अधिक समय से 3800 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इनमें सबसे गंभीर स्थिति यह है कि 33 ग्राम पंचायतें पूरी तरह असंगठित हैं, जिसके कारण इन्हें केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता नहीं मिल पा रही है।
पंचायत निदेशालय ने इन रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। निदेशालय के अनुसार, ग्राम पंचायत सदस्यों के 55,587 पदों में से 3,843 पद अभी भी रिक्त हैं। इसके अलावा देहरादून, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और ऊधम सिंह नगर जिलों की कई ग्राम पंचायतें असंगठित हैं।
असंगठित पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि में कटौती का खतरा है, जिससे इन इलाकों के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।


