
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में वार्षिक श्रावणी मेला का उद्घाटन किया। उन्होंने पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का प्रतीक है। उन्होंने जागेश्वर धाम परिसर में पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा पर्यावरण बचाने का संकल्प लेने की अपील की।
धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जागेश्वर धाम समेत सभी प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के साथ-साथ उनकी मूल सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
जागेश्वर मास्टर प्लान के तहत करीब 147 करोड़ रुपये की विकास और सौंदर्यीकरण कार्य चल रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के जागेश्वर धाम दर्शन के बाद पिछले दो माह में चार लाख से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। उन्होंने श्रावणी मेले को स्वच्छ, भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की अपील की तथा सभी से देवभूमि की पवित्रता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाने को कहा।




