
बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के हसनपुर मसूरी गांव में रिश्तों की शर्मनाक घटना सामने आई है। पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद में जेठ परविंदर ने अपनी छोटे भाई की विधवा पत्नी अंकिता को गोली मारकर हत्या कर दी।
अंकिता दिल्ली की रहने वाली थी और मात्र दो साल पहले जयराम से उसकी शादी हुई थी। पति की मौत के बाद वह ससुराल में ही रह रही थी। परविंदर जमीन-मकान में हिस्सेदारी की मांग कर रहा था, जिसका अंकिता विरोध कर रही थी। गुरुवार को इसी विवाद में परविंदर ने तमंचे से दो गोली मारकर अंकिता की हत्या कर दी और फरार हो गया। बाद में वह खुद थाने पहुंचकर अपराध कबूल लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया और उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
गांव ने दिखाई इंसानियत
अंकिता के मायके वालों और रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार में आने से इनकार कर दिया। माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे और शादी कराने वाले रिश्तेदार भी नहीं पहुंचे। ऐसे में पूरा गांव इकट्ठा हुआ और ग्रामीणों ने मिलकर अंकिता को अंतिम विदाई दी। गांव वालों की इस मानवीय पहल ने सभी को प्रभावित किया।



