18 से 30 साल के युवा नहीं पहनेंगे हेलमेट, प्रशासन ने दी ‘छूट’

आगरालखनऊ। आगरा के डिविजनल कमिशनर के. राममोहन राव ने एक बेहद ही हैरान करने वाला फरमान सुनाया है। राव ने कहा कि 18 से 30 साल के बीच का कोई भी व्यक्ति घर से बाहर निकलते समय मुह पर कपड़ा नहीं बांध सकता। इतना ही नहीं राव के मुताबिक़ इस उम्र का कोई भी व्यक्ति रास्ते पर चलते समय हेलमेट का प्रयोग भी नहीं कर सकता भले ही कितनी गर्मी क्यों न हो। इस फरमान के पीछे बीते कुछ हफ्तों में आगरा और मथुरा-वृंदावन बेल्ट के बीच हुए मर्डर्स को बताया गया है।

महिलाओं और लड़कियों को इस नियम से छूट दी गई है। हाल ही में मथुरा के दो जूलर्स को गोली मारकर उनकी दुकान में लूटपाट करने का मामला सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर अपराध ऐसे ही लोग करते हैं। के। राममोहन राव ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘मुझे कोई दिक्कत नहीं अगर महिलाएं या वृद्ध लोग सार्वजनिक जगहों पर अपने मुंह को ढक कर रखें। लेकिन पुरुष ऐसा नहीं कर सकते भले ही कितनी भी गर्मी क्यों न हो। वे सड़क पर चलते समय हेलमेट भी नहीं पहन सकते हैं। मथुरा में सभी हमलावरों ने अपना चेहरा ढका हुआ था।’

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आपको बता दें कि 15 मई को मथुरा में विकास और मेघ अग्रवाल नाम के दो जूलर्स को 6 हमलावरों ने गोली चलाकर मार दिया था। ये हमलावर दुकान में घुसे और 4 करोड़ रुपये के गहने लेकर भी फरार हो गए। इसके 4 दिन बाद ही फिरोजाबाद के बड़े शीशा व्यापारी संजय मित्तल को दिनदहाड़े नैशनल हाइवे 2 से अगवा कर लिया गया। इसके 7 घंटे बाद फिरोजाबाद पुलिस ने मित्तल को टुंडला के बसाई गांव से बचाया था।

डिविजनल कमिशनर ने यह भी साफ कर दिया कि यह आदेश कोई तुगलकी फरमान नहीं है। राममोहन राव ने कहा, ’18 से 30 साल की उम्र वाले युवा ही अधिकतर लूट, चेन झपटमारी और अन्य तरह के अपराधों को अपना मुंह ढक कर अंजाम देते हैं। मैंने अधिकारियों को ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए कहा है। हम इस मामले पर लोगों की राय भी मांग रहे हैं। अगर कोई सड़क पर चल रहा है तो उसे हेलमेट पहनने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।’

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