हल्दी है एक गुणकारी औषधि, जाने कैसे

हल्दी के औषधीय गुण के कारण ही हल्दी को आयुर्वेद में एक गुणकारी औषधि माना जाता है। जो उष्ण रक्तशोधक और वायु विकारों को नष्ट करने में बहुत सहायक होती है। हल्दी जमीन के अंदर जड़ के रूप में पैदा होती है। और ऊपर इसका हरे रंग का पौधा दिखाई देता है। जिसकी लंबाई लगभग डेढ़ से 2 फीट तक रहती है।

हल्दी है एक गुणकारी औषधि, जाने कैसे

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में समस्त घरों में हल्दी (turmeric)रसोई में बनने वाले भोजन में तथा मसाले के साथ-साथ औषधियों में भी प्रयोग की जाती है। हल्दी धार्मिक कार्य जैसे विवाह, पूजा, इत्यादि कार्यों में भी उपयोग में लाई जाती है। भारत में विवाह के समय हल्दी(turmeric) के नाम पर हल्दी रस्म का रिवाज भी होता है। हल्दी कई हजारों साल से भारतीयों और विदेशो के खाने में इस्तेमाल होने के साथ-साथ हल्दी सेहत और सुन्दरता के लिए भी अत्यधिक फायदेमंद है।

आइए जानते हैं हल्दी के औषधीय गुण के बारे में (Let us know about the medicinal properties of turmeric)

1. हल्दी (Turmeric) एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीसेप्टिक

हल्दी (Turmeric) एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीसेप्टिक (antibacterial and antiseptic) का कार्य करती है।

2. दांत की समस्या में (In tooth problems)

सरसों के तेल में हल्दी और नमक मिलाकर प्रतिदिन उंगली से अपने मसूड़ों की हल्की मालिश करें। ऐसा करने से मुंह की बदबू तथा पायरिया नामक बीमारी से छुटकारा मिलता है।

3. मुंह में छाले की समस्या (Hip Problems in the Mouth)

यदि आपके मुंह में छाले पड़ गए हो तो हल्के गुनगुने पानी में हल्दी मिलाकर कुछ देर तक तक अपने मुंह में रखने के बाद कुल्ला करें, इस क्रिया से आपको काफी आराम मिलता है।

4. शरीर में बीमारी से बचाव (Body disease prevention)

एक गिलास गुनगुने दूध में हल्दी (turmeric) मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तथा हल्दी शरीर के अंदर हो रही पीड़ा को भी कम करती है।

5. ठंड के मौसम में (In cold weather)

आप ठंड के मौसम में हल्दी और मिस्री को पीसकर तथा उसमें शहद मिलाकर खाने से आप को शर्दी कम लगती है।

6. दमा, साइनस,कफ

हल्दी तथा हल्दी वाले दूध को पीने से स्वास्थ्य संबंधी रोग जैसे दमा, साइनस, (Asthma, sinus) जमी हुई कफ (cough) आदि की समस्याओं को जड़ से ठीक करती है।

7. खांसी और दर्द में

हल्दी खांसी में बहुत राहत देने का कार्य करती है, हल्दी की गांठो को नियमतः से चूसने से खासने की समस्या से निजात मिलती है।

8. शरीर में खून की सफाई 

हल्दी (turmeric) हमारे शरीर के अंदर के खून को साफ करती है, तथा हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करती है।

9. बीमारियाँ 

हल्दी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करती है, हल्दी का प्रयोग प्रतिदिन करने वाले लोगों को बीमारियां बहुत कम लगती है।

10. मोटापा

हल्दी में मौजूद कैल्शियम और मिनरल तथा अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो कि हमारे शरीर के वजन को घटाने तथा हमारे शरीर में बनी अनावश्यक चर्बी को खत्म करती है, और हमें मोटापा से मुक्ति दिलाती है।

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11. हड्डियों में मजबूती

आयुर्वेद के अनुसार हल्दी वाला दूध पीने से हमारे शरीर की हड्डियां मजबूत होती है, क्योंकि हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट तथा दूध में कैल्शियम होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तथा आस्टियोपोरेसिस  की समस्या और हड्डी को पहुंचने वाले नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है।

12. मधुमेह जैसे बीमारी में 

हल्दी (turmeric) हमारे शरीर में मौजूद ग्लूकोज़ के स्तर को सामान्य बनाए रखती है, हल्दी के प्रयोग से मधुमेह में इंसुलिन को भी कम करने के गुण है, मधुमेह में जो दवाइयां इस्तेमाल की जाती हैं हल्दी उनके प्रभाव को बढ़ाती है।

13. कोलेस्ट्रोल जैसे बीमारी 

हल्दी का भोजन में उपयोग करने से कोलेस्ट्रोल (cholesterol) का स्तर सामान्य से अधिक नहीं होता है, तथा हल्दी हमारे शरीर के कार्डियोवैस्कुलर (cardio vascular) सेहत को भी अच्छा बनाती है।

14. वजन की समानता

हल्दी (turmeric) वसा को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, और हल्दी का खाने में उपयोग करने से पित्त का प्रवाह बढ़ता है, तथा शरीर में वसा की मात्रा कम होती जाती है, जिससे मोटापा कम होता है और वजन भी सामान्य रहता है।

15. अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचाव 

हल्दी में करक्यूमिन तथा टरमरोन नामक तत्व होते हैं, जो मानव के मस्तिष्क में उपस्थित कोशिकाओं की मरम्मत करते है, जिससे स्ट्रोक और अल्जाइमर जैसी बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है।

16. पाचन क्रिया में असरदार 

हल्दी (turmeric) के उपयोग से हमारी पाचन क्रिया भी सुचारू रूप से चलती है, क्योंकि हल्दी पित्त के उत्पादन को बढ़ाती है, जिससे पित्ताशय (gall bladder) अधिक सक्रिय हो जाता है, और गैस बनने के लक्षण तथा पाचन में सुधार होने लगता है।

17. रक्त परिसंचरण 

हल्दी के उपयोग से हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण सुचारु रुप से होता है, जिससे हमारा लीवर भी स्वस्थ रहता है। और हमारे शरीर में लीवर से सम्बंधित बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है।

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18. शरीर में कही चोट लगने पर 

अगर आपको कहीं चोट लगी हो और चोट वाले स्थान से रक्त का बहना बंद नहीं हो रहा हो तो हल्दी का चूर्ण बनाकर चोट वाले स्थान पर लगाने से रक्त का बहना बंद हो जाता है।

19. कार्य की वजह से थकान होने पर

यदि आप अपने दिनचर्या में अधिक कार्य करने से थक जाते हैं, तो रात्रि भोजन के पश्चात दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर उसे गर्म करके पीने से शरीर की सारी थकावट दूर हो जाती है, और आप बहुत आनंद महसूस करते हैं।

20. कैंसर जैसे बीमारी में 

हल्दी के औषधीय गुण ही वो कारण हैं जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से भी लड़ने में उपयोगी होते हैं। हल्दी के औषधीय गुण है इसमें पाए जाने वाले तत्व। इसमें अल्कलॉइड, करक्यूमिन (alkaloids, curcumin) पाया जाता है, जोकि कैंसर के जीवाणुओं को समाप्त कर सकता है।

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