वीकेंड टूरिज्म से पर्यटन को मिली बड़ी सौगात , सैलानियों से गुलजार हुआ जैसाण

नई दिल्ली : एक तरफ स्थानीय समस्याओं के चलते विदेशी सैलानियों की आवक में पिछले कुछ वर्षों से कमी आ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ देसी पर्यटन में लगातार इजाफा हो रहा है।

गुलजार

जहां नए नए टूरिज्म के विकास से जैसलमेर के पर्यटन को सौगातें मिल रही हैं। कुछ साल पहले मैरिज टूरिज्म और सेमीनार टूरिज्म से पर्यटन का ग्राफ बढ़ा तो अब वीकेंड टूरिज्म ने पर्यटन व्यवसायियों के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। देखा जाये तो पिछले कुछ महीनों से वीकेंड टूरिज्म में एकाएक बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को जैसलमेर में सैलानियों की एकाएक भीड़ बढ़ गई।

पर्यटक आए तो लड़खड़ाती दिखी पार्किंग व्यवस्था

लेकिन शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर, हवेलियां व सम के मखमली धोरों पर बड़ी संख्या में सैलानी लुत्फ उठाने पहुंचे। सुबह-सुबह किला पार्किंग में वाहनों की रेलमपेल नजर आई। मुख्य रूप से गुजरात के सैलानी जैसलमेर भ्रमण पर आए हुए हैं।

मार्च में सैलानियों के आने से छाई खुशी –

बता दें की गर्मी का असर बढ़ गया है। गर्मी की तपन बढ़ने के साथ ही जैसलमेर में पर्यटकों की ऑफ सीजन शुरू हो जाता है। इस बार मार्च के अंतिम दिनों में विदेशी सैलानियों की आवक भी हो रही है, यह पर्यटन व्यवसायियों के लिए अच्छे संकेत हैं, वहीं दूसरी तरफ वीकेंड टूरिज्म के चलते हर सप्ताह देसी पर्यटकों की आवक भी हो रही है। वही ऑफ सीजन में भी वीकेंड टूरिज्म का लाभ मिलता रहेगा।

जैसलमेर में शनिवार व रविवार को सैलानियों की आवक बढ़ जाती है। ऐसे में यदि वीकेंड से पहले या बाद में एक छुट्टी और हो जाए तो आवक में और भी बढ़ोतरी हो जाती है। धार्मिक नगरी नाथद्वारा की तरह अब जैसलमेर में भी शनिवार व रविवार को बाहरी सैलानियों की आवक अधिक हो रही है।

हवाई कनेक्टिविटी से मिला फायदा –

दरअसल जैसलमेर से हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन को खासा लाभ हुआ है। इसकी शुरुआत वीकेंड टूरिज्म से हुई है। अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, दिल्ली व जयपुर से सीधी फ्लाइट से वीकेंड पर सैलानियों की आवक अधिक हो रही है।

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