उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव की रेस में ये दिग्गज नेता हुए शामिल

लोकसभा चुनाव की पांचों सीटों पर अगले दो-तीन दिन में भाजपा और कांग्रेस अपने प्रत्याशियों का एलान कर देंगे। दोनों दलों ने टिकट के दावेदारों का दमखम परखने की कवायद शुरू कर दी है।

लोकसभा चुनाव

भाजपा की चुनाव समिति ने गहन मंथन के बाद ऐसे तीन दर्जन नामों का पैनल तैयार किया। इस पैनल की एक बार समीक्षा होगी, जिसमें से 25 नाम छांटकर केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे जाएंगे। इसी तरह प्रदेश कांग्रेस भी दावेदारों के नामों का पैनल तैयार कर आलाकमान को भेजने की तैयारी में जुटी है। पांचों सीटों पर दावेदारी काफी तेज हो गई है।

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हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा के पैनल में सबसे ऊपर हैं। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों से टिकट की दावेदारी कर रहे हरिद्वार के विधायक एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से उन्हें इस बार भी कड़ी चुनौती मिल रही है।

सूत्रों के अनुसार मदन कौशिक भी दिल्ली में डेरा डालकर अपनी मुहिम को सिरे चढ़ाने में लगे हैं। बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष नरेश बंसल भी अपना दावा ठोंक रहे हैं। टिकट की दौड़ में पार्टी के दो विधायकों की पत्नियां शामिल हो गई हैं।

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पार्टी विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन अपनी पत्नी रानी देवयानी और देश राज कर्णवाल अपनी पत्नी मालती कर्णवाल के लिए टिकट मांग रहे हैं और उन्होंने दावेदारी भी कर दी है।
दूसरी ओर कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर दावेदार माने जा रहे हैं। वर्ष 2009 में हरिद्वार से सांसद चुनकर केंद्र में मंत्री और बाद में मुख्यमंत्री बने हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत को निशंक के हाथों इसी सीट से वर्ष 2014 में हार का सामना करना पड़ा था। रावत इस सीट को दोबारा पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।

राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद उनकी दावेदारी और ज्यादा प्रभावी मानी जा रही है। हालांकि पूर्व विधायक अंबरीष कुमार से उन्हें इस बार कड़ी चुनौती मिल रही है। निशंक और रावत दोनों के ही सामने अपनी पार्टी के ही कार्यकर्ताओं की स्थानीय प्रत्याशी की मांग भी चुनौती बनी हुई है।
टिहरी लोकसभा सीट पर भाजपा के मुकाबले कांग्रेस में दावेदारों की फेहरिस्त कहीं ज्यादा लंबी नजर आ रही है।

भाजपा की बात करें तो प्रमुख दावेदारी मौजूदा सांसद राज्य माला लक्ष्मी शाह की नजर आ रही है। पिछले चुनाव में उन्होंने साकेत बहुगुणा को मात दी थी। माला राज्य लक्ष्मी शाह के बाद पूर्व सीएम विजय बहुगुणा उनके बेटे साकेत बहुगुणा और विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान का नाम भी टिकट की दौड़ में शामिल है।

कांग्रेस की बात करें, तो यहां से सबसे मजबूत दावेदारी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह की है। पांच बार के विधायक, दो बार के कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की दावेदारी भी सामने आ रही है। इनके अलावा पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट, नवप्रभात और शूरवीर सिंह सजवाण के नाम की भी चर्चा है।

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अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा से सांसद और केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या में टिकट को लेकर जोर आजमाइश है।

अब पार्टी नेतृत्व किस पर दांव लगाता है यह देखना होगा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन राम प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। इस सीट पर पार्टी विधायक चंदन राम दास के नाम की भी चर्चा है। दूसरी ओर, कांग्रेस में भी अभी टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। यहां अभी तक राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, गीता ठाकुर, हरीश आर्या टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

प्रदीप टम्टा राज्यसभा सदस्य हैं। ऐसे में पार्टी क्या निर्णय लेती है यह देखने वाली बात होगी। हालांकि पिछले दो चुनावों पर यदि गौर किया जाए तो अजय टम्टा भाजपा जबकि प्रदीप टम्टा कांग्रेस से आमने सामने रहे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियां टिकट देने से पहले अपने-अपने प्रत्याशियों का वजन भी जरूर तोलेगी।
नैनीताल सीट पर कांग्रेस में नैनीताल सीट से पूर्व सांसद महेंद्र पाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम तेजी से चल रहा है। हालांकि कांग्रेस में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़, पूर्व विधायक नारायण पाल, प्रयाग दत्त भट्ट और हुकुम सिंह कुंवर ने भी दावेदारी की है।

पाल ने टिकट न मिलने पर पूर्व सीएम रावत को टिकट देने की बात पर्यवेक्षक से कही थी। वहीं भाजपा में सांसद भगत सिंह कोश्यारी को प्रबल दावेदार माना जा रहा है, पिछले चुनाव में उन्होंने केसी सिंह बाबा को हराया था।

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जबकि विधायक बंशीधर भगत भी दौड़ में बताए जा रहे हैं। मंडी परिषद के अध्यक्ष गजराज बिष्ट ने भी दावेदारी की है। पूर्व सांसद बलराज पासी की भी दावेदारी मानी जा रही है। वे इस सीट पर तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं।
पौड़ी लोकसभा सीट मौजूदा समय में सबसे हॉट मानी जा रही है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि) की दावेदारी मजबूत हो गई है। खंडूड़ी के बाद कैबिनेट मंत्री व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सतपाल महाराज और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत का दावा मजबूत माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की नजर भी गढ़वाल सीट पर टिकी है। इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत ग्रामवासी, शौर्य डोभाल, वीरेंद्र जुयाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, विधायक यमकेश्वर ऋतु खंडूड़ी, महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट गढ़वाली की भी इस सीट से दावेदारी मानी जा रही है।
निम के पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) भी इस सीट से मैदान में उतरने को तैयार हैं। वहीं जनरल खंडू़ड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी के कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। कांग्रेस से पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, पूर्व विधायक गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है। पार्टी की ओर से अन्य दावेदारों में पूर्व सांसद टीपीएस रावत और पार्टी के प्रदेश महासचिव राजपाल बिष्ट के नाम सामने आए हैं।

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