पाकिस्तानी में खुशहाली, इस देश ने की पैसों की बारिश

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और सऊदी अरब में इस महीने 10 अरब डॉलर (14,00,90,00,00,000 पाकिस्तानी रुपए) से ज्यादा के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. इसकी घोषणा इज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) की दूसरी बैठक के दौरान की गई. बैठक की अध्यक्षता बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने की.

बैठक के बाद डॉन न्यूज़ से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री असद उमर ने कहा सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अगले महीने पाकिस्तान का दौरा करेंगे. उमर ने कहा कि ज्यादातर एमओयू पर सऊदी प्रिंस की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.

बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट (बीओआई) के चेयरमैन हारून शरीफ ने कहा कि सऊदी अरब को पाकिस्तान के चार सेक्टर में रुचि है. इसमें ऑयल रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा व खनन शामिल हैं. उन्होंने कहा, “एक सर्वेक्षण के अनुसार, 65 फीसदी निवेश देश के वाणिज्यिक केंद्र कराची में और 35 फीसदी लाहौर में होगा.”

ये 10 अरब डॉलर का निवेश सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान को दिए गए उस छह अरब डॉलर के पैकेज के अतिरिक्त होगा जिस पर प्रधानमंत्री इमरान खान की सऊदी अरब की यात्रा के दौरान अक्टूबर 2018 में सहमति बनी थी. इसी तरह पाकिस्तान अगले दो महीने में चीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मलेशिया के साथ भी एमओयू पर हस्ताक्षर करेगा.

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हालांकि, चीन कितने करोड़ रुपए की मदद पाकिस्तान को देगा अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आईएमएफ से मिलने वाले लोन से पाकिस्तान चीन को अपना कर्जा ना चुका पाए. अमेरिका का मानना है कि चीन का पाकिस्तान पर बड़ा कर्ज वहां की अर्थव्यवस्था की कमजोरी के लिए जिम्मेदार है.

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