पाकिस्तान पहले अमेरिका से लेता है मदद फिर उसी के खिलाफ रचता है साजिश

एजेंसी/500x500x798-terrorist02_570aece305045वॉशिंगटन : पाकिस्तान अमेरिका से बेचारा बनकर जो भी मदद लेता है, उसका इस्तेमाल वो अमेरिका के ही खिलाफ करता है। इस बात का खुलासा अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा अभिलेखागार से सार्वजनिक हुए दस्तावेजों से हुआ है। कागजातों की रिपोर्ट को मानें तो अमेरिका द्वारा दी गई मदद को पाकिस्तान आईएसआईएस के लिए काम करने वाले हक्कानी नेटवर्क को देता है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि 2009 में अमेरिका द्वारा दी गई मदद के एक हिस्से को यानि करीब 2 लाख डॉलर को सीआईए कैंप पर हमले के लिए हक्कानी नेटवर्क को दिया था। सीआईए कैंप अफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित छम्मन पोस्ट पर है।

इस कैंप पर हुए हमले में 7 अमेरिकी एजेंट व कॉन्ट्रैक्टर सहित कुल 10 लोग मारे गए थे। इस हमले को जॉर्डन के एक डॉक्टर खलील-अबु-मुल-अल-बलावी और सीआईए के लिए काम करने वाले एजेंट ने अंजाम दिया था। यही एजेंट अलकायदा का रगना ओसामा बिन लादेन और अल जवाहिरी के खात्मे के लिए भी काम करता था।

छम्मन पोस्ट के जरिए पाकिस्तान में ड्रोन वलिमानों के जरिए नजर रखी जाती है। लेकिन हक्कानी ग्रुप ने आईएसआई के लिए काम करने वाले एजेंटो को अपनी ओर मिला लिया। खबरों के मुताबिक इन दस्तावेजों को हमले के 8 साल बाद भी सार्वजनिक नहीं किया गया था, लेकिन अब जब ये दस्तावेज सार्वजनिक हुए है, तो इससे पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते में खटास आ सकती है।

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