पर्यटकों की ख़ुशी हुई दोगनी, संगम के तट पर पहुंचे हजारों खास विदेशी मेहमान

प्रयागराज। उत्तर भारत मे ठंड ने दस्तक दे दी है और हर साल की तरह इस बार भी सात समुंदर पार से आये खास विदेशी मेहमान संगम तट पहुच चुके है ।हज़ारो खूबसूरत परिंदों ने प्रयागराज के संगम तट को वक़्त से पहले ही अपना नया ठिकाना  बना लिया है..विदेशी महमानी के इस कलरव  से संगम आने वाले सैलानी  और पर्यटकों का दिल भी लग गया है।

उत्तर भारत

आम तौर पर यह पक्षी दिसम्बर के शुरुआती हफ्ते मे संगम आते थे परन्तु इस बार यूरोप मे वकत से पहले बर्फ़बारी के चलते इन्हों ने समय से पहले संगम का रुख कर लिया है 10 जनवरी 2020 को माघ मेले की शुरुआत हो रही है लेकिन ये कहना गलत नही होगा कि खास विदेशी मेहमानों ने अभी से ही अपना डेरा मेला क्षेत्र में लगा लिया है।

संगम पर  सूरज की पहली किरण , संख ध्वनि  और मंत्रो के बीच विदेशी महमानों का कलरव  भी सुनाई पडने लगा है यह विदेशी महमान सात सुमंदर पार कर अपने देशो से अपना आशियाना छोड़ कर संगम नगरी मे अपना डेरा डाले हुए है। हालांकि इन परिंदों का संगम तट पर आने का समय दिसम्बर का शुरुआती हफ्ता होता है परन्तु इस बार यह परिंदे हज़ारो की संख्या मे वकत से एक महीने पहले ही संगम तट पर आ गये है।

यूरोप , ऑस्ट्रेलिया और उत्तरी महादीप से भले ही यह  पक्षी बेघर हो गये हो परन्तु प्रयागराज के संगम तट पर आने वाले पर्यटक इन विदेशी महमानों के स्वागत मे बाहे फैलाए हुए है..इन विदेशी पक्षिओ से मिलने के लिए हर रोज हज़ारो लोग संगम तट पर आ रहे है।

दिवाली के ठीक बाद बाजारों में छाई छठ की रौनक, ऐसा है यहां का नजारा

जिन्हे यह अपने हाथो से खिलाते है। यह साइबेरियन पक्षी पुरे 5 महीने तक इस संगम तट पर निवास करेंगे और यही अपना प्रजनन भी करेंगे..मार्च के बाद गर्मी की शुरुआत होते ही यह महमान अलविदा कह कर यहाँ से विदा ले लेंगे। इन पक्षिओ को देखकर बाहर से आने वाले सैलानियो की ख़ुशी  वकत से पहले  दुगनी  हो गयी  है । संगम क्षेत्र का जॉयज़ा लिया और लोगो से बात की हमारे संवादाता सैय्यद आकिब रज़ा ने

 

=>
LIVE TV