आशियाना गैंगरेप मामले में दोषियों को मिली सजा

sud_court-pic_56a1d074f1df8एजेंसी/ लखनऊ : करीबन 11 साल लखनऊ के बहुचर्चित आशियाना गैंगरेप मामले में दोषियों को उनके जुर्म की सजा मिल गई। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को 10 साल की सजा सुनाई। बीते बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर न्यायधीश अनिल कुमार शुक्ला ने इस वारदात के लिए गौरव को दोषी ठहराया था।

16 अप्रैल को इस मामले में सजा सुनाई जानी थी। लेकिन वकीलों के हड़ताल के कारण फैसला आज सुनाया गया। बता दें कि 2 मई 2005 को गौरव व उसके पांच साथियों ने सड़क पर चलती नाबालिग लड़की को कार में खींच लिया था। 5 घंटे तक इन लोगों ने उसके साथ दरिंदगी सारी हदें पार की।

घटना के बाद इन लोगों ने उस लड़की को एक सुनसान जगह पर ले गए और वहां एक बार फिर से बारी-बारी से सबने उसका बलात्कार किया। इतना ही नहीं बदमाशों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट को भी सिगरेट से दागा था। इसके बाद इन्होने लड़की को डालीगंज पुल के पास फेंक दिया।

सुनवाई के दौरान आरोपी के नाबालिग होने को लेकर छिड़ी बहस में 11 साल का वक्त लग गया। माफिया अरुण शंकर शुक्‍ला के भतीजे गौरव शुक्‍ला और उसके दोस्‍त भारतेंदु शुक्‍ला, सौरभ जैन, अमन बक्‍शी, आसिफ सिद्दकी और फैजान के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

2007 को भारतेंदु और अमन को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई जबकि ट्रायल के दौरन ही सौरभ और आसिफ की सड़क हादसे में मौत हो गई। फैजान को कोर्ट ने गैंगरेप नहीं बल्कि किडनैपिंग के आरोप में दोषी पाया

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