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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में तेज हवाओं का कहर; भारत मंडपम में लगे झंडे और बैनर गिरे

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए विश्व नेताओं की बैठक से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को दिल्ली में भारी बारिश और तेज हवाओं ने कहर बरपाया, जिससे भारत मंडपम में लगे ध्वजदंड और बैनर गिर गए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में गरज और बिजली गिरी, हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जो इतनी तेज थी कि सम्मेलन के लिए लगाई गई कुछ सजावटें भी उखड़ गईं। मौसम में यह व्यवधान ऐसे समय आया है जब राजधानी में 12-13 सितंबर को होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए व्यापक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं चल रही हैं। इस सम्मेलन में कई विदेशी नेता और प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में शामिल होंगे। आईएमडी ने पहले ही दिल्ली में आने वाले दिनों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज के साथ तूफान की संभावना जताई थी।

बारिश के साथ आने वाले गरज-चमक वाले तूफान अचानक तेज हवाएं ला सकते हैं, खासकर जब शहर के ऊपर मजबूत संवहनी बादल बनते हैं। दिल्ली आईएमडी के डॉ. पटनायक ने कहा कि मौजूदा मौसम की स्थिति क्षेत्र में नमी की उपलब्धता और वायुमंडलीय अस्थिरता से जुड़ी है। गरज-चमक वाले तूफान के दौरान, बनते बादलों से आने वाली तेज हवाएं सतह तक पहुंच सकती हैं और अचानक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश ला सकती हैं। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय क्षेत्रों के ऊपर मौजूद मौसम प्रणाली देश के मध्य और उत्तरी भागों में नमी की मात्रा बढ़ाने में भी सहायक है, जिससे चल रही मानसूनी गतिविधि में योगदान मिल रहा है।

12 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने पर मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर गरज और बिजली के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे होटलों, हवाई अड्डे और भारत मंडपम के बीच आवागमन में अतिरिक्त कठिनाई हो सकती है, खासकर बारिश और कम दृश्यता के दौरान। वर्तमान मौसम के पीछे एक महत्वपूर्ण कारक उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर स्थित निम्न दबाव का क्षेत्र है।

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