
भारत की प्रतिष्ठित अध्यक्षता में आगामी 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महासम्मेलन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को सकारात्मकता और एकजुटता का एक मजबूत संदेश दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अगले कुछ दिनों में जब दुनिया भर के शीर्ष नेता नई दिल्ली में जुटेंगे, तो विश्व के समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई अहम वैश्विक मुद्दों पर अत्यंत सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने इस उच्चस्तरीय बैठक को विश्व शांति और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर करार दिया है।
अपने संदेश को और अधिक गहराई और सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए पीएम मोदी ने एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा किया, जो भारतीय दर्शन और वर्तमान कूटनीति के मूल को बेहतरीन ढंग से दर्शाता है।
सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥
इस श्लोक का गूढ़ अर्थ यह है कि मनुष्य को सदैव अच्छे और गुणी लोगों की संगति में रहना चाहिए। ज्ञानी और सज्जन लोगों के साथ ही संवाद, वैचारिक विमर्श और मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए, क्योंकि आपसी सद्भाव और सकारात्मक बातचीत से ही स्थायी शांति और सहयोग का मार्ग प्रशस्त होता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस श्लोक के माध्यम से प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ब्रिक्स देशों को आपसी संवाद के जरिए सकारात्मकता और मजबूत मित्रता स्थापित करनी चाहिए, ताकि एक सुरक्षित और समृद्ध विश्व का निर्माण हो सके।
विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का दायरा केवल ब्रिक्स देशों के आंतरिक सहयोग तक ही सीमित नहीं रहेगा। सदस्य और साझेदार देशों के शीर्ष नेता ब्रिक्स के भीतर आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने के साथ-साथ उन सभी व्यापक वैश्विक और क्षेत्रीय मामलों पर भी गहन विचार-विमर्श करेंगे, जिनमें सभी देशों की समान रूप से दिलचस्पी है।
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि यह बैठक साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग बढ़ाने और दुनिया के समक्ष मौजूद ज्वलंत चुनौतियों का सर्वमान्य समाधान खोजने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
इस ऐतिहासिक कूटनीतिक आयोजन के लिए नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम को पूरी भव्यता के साथ तैयार किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर तैयारियां अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में हैं, जहां दुनिया के विभिन्न कोनों से आने वाले गणमान्य अतिथियों का शाही स्वागत किया जाएगा। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी इन भव्य तैयारियों की झलकियां साझा की गई हैं।
एक पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिल्ली अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की चमक और भारत मंडपम की अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ दुनिया की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। जल्द ही विश्व के शीर्ष नेता एक ही मेज पर एक साथ बैठकर वैश्विक भविष्य की रूपरेखा तय करते हुए नजर आएंगे।



