देशबड़ी खबर

पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को भेंट की तमिल ग्रंथ ‘थिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद, 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर विशेष जोर

नई दिल्ली में आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘थिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवाद उपहार स्वरूप भेंट किया। भारतीय संस्कृति और प्राचीन साहित्य को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है, जिसमें वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, गतिशीलता (मोबिलिटी) और महत्वपूर्ण संसाधनों के क्षेत्र में आपसी सहयोग का दायरा बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत में ‘इनोप्रॉम’ (INNOPROM) के आयोजन की योजनाओं पर भी विचार किया गया। इसके अलावा, रेलवे और टनलिंग (सुरंग निर्माण) सेक्टर में आपसी सहभागिता, स्टील वैल्यू चेन का विकास, तथा दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए एक-दूसरे के बाजारों में सुलभ पहुंच बनाने जैसे अहम मुद्दों पर भी सहमति बनने की उम्मीद है।

नागरिक परमाणु सहयोग (सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन) इस एजेंडे का एक अन्य प्रमुख हिस्सा रहा, जिसके तहत ईंधन चक्र (फ्यूल साइकिल) और लाइफ-サイクル सपोर्ट में आपसी साझेदारी को मजबूत करने के तौर-तरीकों पर विचार किया गया। इसके साथ ही, रूस में कुशल भारतीय श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और मोबिलिटी को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और रणनीतिक संयुक्त उपक्रम परियोजनाओं के माध्यम से उर्वरक क्षेत्र में सहयोग को बनाए रखने और बढ़ाने के प्रयासों को भी द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया है।

Related Articles

Back to top button