
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी अधिकारी देश भर में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लेते हैं तो अमेरिका “कड़ी कार्रवाई” करेगा। एक रूढ़िवादी रेडियो मंच पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं… तो हम उन्हें कड़ी सजा देंगे।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाया गया तो वाशिंगटन चुप नहीं बैठेगा।
ट्रम्प की टिप्पणियां हाल ही में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दिए गए कई बयानों से मिलती-जुलती हैं, जिन्होंने बार-बार तेहरान को “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों” को खतरे में डालने वाली कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह जमीनी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी रुख की आलोचना करते हुए वाशिंगटन के बयानों को “हस्तक्षेपकारी बताया। मंत्रालय ने कहा कि ये टिप्पणियां ईरानी जनता के प्रति अमेरिका की “निरंतर शत्रुता” को उजागर करती हैं और तर्क दिया कि आंतरिक अशांति पर अमेरिकी प्रतिक्रियाएं सच्ची चिंता के बजाय राजनीतिक हस्तक्षेप के एक सुस्थापित पैटर्न को दर्शाती हैं।
गौरतलब है कि ईरान की राजधानी में गुरुवार रात देश के निर्वासित युवराज द्वारा सामूहिक प्रदर्शन के आह्वान के बाद लोगों ने अपने घरों से नारे लगाए और सड़कों पर रैलियां निकालीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह इस्लामी गणराज्य में फैले विरोध प्रदर्शनों में एक नया मोड़ था। प्रदर्शन शुरू होते ही ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें ठप हो गईं। ईरान के शहरों और ग्रामीण कस्बों में शुरू हुए प्रदर्शनों का सिलसिला आज भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कई बाज़ार और दुकानें बंद रहीं। अमेरिका एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 39 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।





