
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने छह दिवसीय फ्रांस और लक्जमबर्ग दौरे के दौरान गुरुवार (8 जनवरी 2026) को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाईं और समकालीन वैश्विक विकास पर मैक्रों के दृष्टिकोण तथा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के प्रति उनके सकारात्मक भाव की सराहना की।
जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलकर खुशी हुई और पीएम नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाईं। समकालीन वैश्विक विकास पर उनके विचारों और हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रति सकारात्मक भाव की गहरी सराहना करता हूं।”
उसी दिन जयशंकर ने फ्रांस के राजदूत सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने व्यापार, वित्त, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, संसाधन और कनेक्टिविटी जैसे कारकों से प्रेरित वैश्विक बदलावों पर जोर दिया। साथ ही मानसिकता में बदलाव को निर्णायक कारक बताया और बहुध्रुवीयता तथा रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ावा देने में भारत-फ्रांस साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की।
बुधवार को फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से बातचीत में जयशंकर ने कहा कि भारत यूरोप के साथ संबंध मजबूत कर रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में अधिक स्थिरता ला सकता है। दोनों मंत्रियों ने मुख्य रूप से अगले महीने मैक्रों के भारत दौरे की तैयारी पर फोकस किया, जहां वे नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।
मैक्रों ने भी अपने संबोधन में भारत की यात्रा की पुष्टि की है। यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को और मजबूत बनाने तथा एआई गवर्नेंस पर वैश्विक सहमति के लिए महत्वपूर्ण होगा।





