
राजधानी के निगमबोध घाट से सटे यमुना बाजार इलाके में वर्षों से रह रहे परिवारों के घरों पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए यमुना बाजार कॉलोनी के 310 परिवारों को अंतिम नोटिस जारी कर अगले 15 दिनों के भीतर इलाका खाली करने का निर्देश दिया है। इस नोटिस ने इलाके में हलचल मचा दी है और स्थानीय लोगों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। यह नोटिस पुरानी दिल्ली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) शशिपाल डबास द्वारा जारी किया गया था। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कॉलोनी दिल्ली मास्टर प्लान (एमपीडी) 2021 के तहत ‘ओ’ जोन में आती है।
मास्टर प्लान के तहत, यमुना खादर (बाढ़ का मैदान) क्षेत्र को वज़ीराबाद से पल्ला तक 22 किलोमीटर तक फैला हुआ ‘ओ’ जोन घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य नदी के पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा करना है, जहां किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण या निवास सख्त वर्जित है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए, सरकार जलमग्न क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर यमुना की पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने के लिए यह कदम उठा रही है, पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हैं।




