
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी-2026 (Uttarakhand STI Policy-2026) जारी कर दी। इस नीति को राज्य को ज्ञान-आधारित, शोधोन्मुखी और नवाचार-प्रधान अर्थव्यवस्था बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज बताया गया है।
नीति के प्रमुख उद्देश्य:
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी को शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन, आपदा प्रबंधन, कृषि और रोजगार से जोड़ना
- पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय
- युवा, शोधकर्ता, स्टार्टअप और ग्रासरूट इनोवेटर्स के लिए एक साझा मंच
- आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड की दिशा में तेजी लाना
नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स, ड्रोन, AR-VR जैसी उभरती तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही स्पेस टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी, खाद्य-पानी-ऊर्जा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य प्रावधान:
- राज्य स्तरीय एडवाइजरी बॉडी का गठन
- सभी विभागों में STI यूनिट्स स्थापित करना
- साइंस सिटी, साइंस सेंटर, प्लैनेटेरियम और अटल टिंकरिंग लैब्स विकसित करना
- महिलाओं, दूरदराज के इलाकों और दिव्यांगजनों को समान अवसर
- पेटेंट, कॉपीराइट और IPR सहायता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह नीति न सिर्फ वैज्ञानिक प्रगति बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी, सुशासन और स्थानीय समस्याओं के समाधान में विज्ञान-प्रौद्योगिकी की भूमिका को मजबूत करेगी।
UCOST को इस नीति का नोडल एजेंसी बनाया गया है।



