
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर गुरुवार को ऋषिकेश में भी दिखाई दिया , जहां त्रिवेनी घाट पर गंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही थी, जिसके चलते अधिकारियों ने नदी तटों पर निकासी और जागरूकता अभियान तेज कर दिए। ऋषिकेश स्थित केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार , गंगा नदी उफान पर है और इसका जलस्तर चेतावनी चिह्न से ऊपर चला गया है। नदी में तेज बहाव को देखते हुए, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जल पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने त्रिवेणी घाट, मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला पर संयुक्त रूप से बचाव और जागरूकता अभियान चलाया है।
लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हुए, टीमों ने श्रद्धालुओं, निवासियों और पर्यटकों से अपील की कि वे तुरंत घाट खाली करके सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने लोगों को नदी में प्रवेश न करने की चेतावनी भी दी और कहा कि ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे प्रवाह अत्यंत खतरनाक हो गया है। संवेदनशील स्थानों पर आपदा राहत दल तैनात कर दिए गए हैं और वे लगातार निगरानी रख रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षा संबंधी सलाहों का पालन करने, नदी तटों के पास जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष या आपदा राहत दल से संपर्क करने का आग्रह किया है।
बारिश के कारण लगभग 1,869 सड़कें बंद हो गई थीं, जिनमें से कई अब खोल दी गई हैं, जबकि लगभग 150 मार्ग अभी भी अवरुद्ध हैं। प्रशाशन ने कहा कि चार धाम यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और जहां भी बारिश से यातायात बाधित होने का खतरा है, वहां मार्गों को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जा रहा है। सुमन ने यह भी बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले छह दल अपनी यात्रा पूरी करके लौट चुके हैं, जबकि सातवां दल वर्तमान में चीन में है और शेष दल नाभिधांग और तनकपुर में हैं।




