स्वास्थ्य

क्या सर्दी-जुकाम और गले के इंफेक्शन में गर्म पानी नहीं पीना चाहिए? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि गले में इन्फेक्शन या सर्दी-जुकाम (बहती नाक) होने पर गर्म पानी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही तापमान वाले पेय पदार्थ और खानपान का चुनाव वास्तव में आपको इस दौरान काफी आराम दिला सकता है।

गले के इंफेक्शन और बहती नाक के दौरान शरीर में क्या होता है?

पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक के सीनियर ईएनटी (ENT) और स्लीप डिसऑर्डर विशेषज्ञ डॉ. मुरारजी घाडगे बताते हैं कि जब शरीर संक्रमण से लड़ता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम गले और नाक के रास्तों में सूजन पैदा करता है।

  • बलगम का बढ़ना: रोगाणुओं (Pathogens) को फंसाने के लिए शरीर में बलगम (Mucus) का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे नाक बंद होती है या बहने लगती है।
  • थकान और बुखार: संक्रमण से लड़ने में शरीर अपनी ऊर्जा लगाता है, जिससे मरीज को थकान या बुखार महसूस हो सकता है।
  • पानी की कमी के नुकसान: अगर शरीर में तरल पदार्थों (fluids) की कमी हो जाए, तो बलगम गाढ़ा हो जाता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।

क्या वाकई गर्म पानी से परहेज करना चाहिए?

ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल (मुंबई) की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मंजूषा अग्रवाल स्पष्ट करती हैं कि सर्दी-जुकाम होने पर गर्म पानी से परहेज करने का कोई नियम नहीं है। इसके विपरीत, गुनगुना पानी रिकवरी में मदद करता है।

  • गुनगुने पानी के फायदे: हल्का गर्म पानी पीने और भाप लेने से गले की खराश शांत होती है, बलगम ढीला होता है और बंद नाक खुलती है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है।
  • क्या न करें (सावधानी): KIMS हॉस्पिटल के डॉ. अनिकेत मुले के अनुसार, बहुत अधिक खौलता हुआ या अत्यधिक गर्म पानी पीने से सख्त बचना चाहिए। बहुत ज्यादा गर्म पानी गले के पहले से ही संवेदनशील और सूजे हुए टिशूज (ऊतकों) को जला सकता है या जलन पैदा कर सकता है। हमेशा ऐसा पानी या सूप पिएं जिसका तापमान गले को आरामदायक लगे।

जल्दी रिकवरी के लिए अन्य असरदार उपाय

डॉक्टरों के अनुसार, केवल पानी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य तरीके भी इम्युनिटी बढ़ाने और लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं:

  • नमक के पानी से गरारे: गले की सूजन और खराश को कम करने के लिए यह एक बेहद कारगर और प्राकृतिक उपाय है।
  • हाइड्रेशन बनाए रखें: दिन भर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी, सूप, या हर्बल चाय (ग्रीन टी/काढ़ा) पीते रहें।
  • भाप (Steam) लें: बंद नाक और छाती की जकड़न को दूर करने के लिए स्टीम इनहेलेशन या ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
  • आराम और पोषण: शरीर को ठीक होने के लिए भरपूर आराम दें। साथ ही, विटामिन से भरपूर पौष्टिक आहार लें। यदि आवश्यकता हो, तो ओवर-द-काउंटर दवाएं (जैसे दर्द निवारक या कफ लोज़ेंजेस) डॉक्टर की सलाह पर ली जा सकती हैं।

(यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी तरह का नया रूटीन या उपचार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)

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