स्वास्थ्य

50 की उम्र में चाहते हैं 35 साल जैसा स्वस्थ दिल? कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने बताईं 3 दैनिक आदतें

अक्सर यह मान लिया जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ दिल की सेहत का गिरना तय है, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज इस बात से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते। उनका स्पष्ट कहना है कि केवल उम्र किसी के दिल की सेहत तय नहीं करती। अगर सही जीवनशैली अपनाई जाए, तो 60 साल का व्यक्ति भी 40 साल के युवा से अधिक स्वस्थ हृदय प्रणाली पा सकता है।

डॉ. भोजराज के अनुसार, बेहतर हृदय स्वास्थ्य पाने के लिए किसी अत्यधिक कठोर डाइट या थकाऊ वर्कआउट की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसका असली रहस्य परफेक्शन से ज्यादा निरंतरता (कंसिस्टेंसी) में छिपा है।

सकारात्मक बदलावों के प्रति शरीर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देता है, यह साबित करने के लिए डॉ. भोजराज ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक “अगस्त चैलेंज” शुरू किया है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से किसी एक स्वस्थ आदत को चुनने और पूरे महीने हर दिन उसका पालन करने की अपील की। उनका मानना है कि भले ही आप 30 दिनों में अपने दिल की उम्र 25 साल कम नहीं कर सकते, लेकिन एक नियमित रूटीन से शरीर में आश्चर्यजनक रूप से तेजी से सुधार देखा जा सकता है। स्वस्थ आदतों को निरंतर अपनाने से ब्लड प्रेशर, नींद की गुणवत्ता और समग्र ऊर्जा के स्तर में बहुत जल्दी सकारात्मक बदलाव आते हैं। डॉ. भोजराज ने इस बात पर खास जोर दिया कि आप शुरुआत कहां से करते हैं, यह उतना मायने नहीं रखता, जितना यह कि आप बस शुरुआत करें।

बेहतर हृदय स्वास्थ्य के लिए डॉ. भोजराज ने अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए तीन बेहद सरल और टिकाऊ आदतों का सुझाव दिया है, जिनमें से किसी एक को आसानी से चुना जा सकता है। पहली आदत हर दिन 20 मिनट की पैदल चाल (वॉक) है। हृदय स्वास्थ्य सुधारने के लिए जिम की महंगी मेंबरशिप जरूरी नहीं है; रोजाना 20 मिनट की वॉक दिल की धड़कन (हार्ट रेट) और रक्त संचार को बेहतर बनाती है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत भी नहीं होती।

दूसरी आदत अपने दैनिक भोजन में सब्जियों का कम से कम एक हिस्सा (सर्विंग) शामिल करना है। किसी सख्त और तनावपूर्ण डाइट का पालन करने के बजाय, अपने भोजन में सब्जियां जोड़ने पर ध्यान दें, जो हृदय की कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाले आवश्यक फाइबर और पोषक तत्व प्रदान करती हैं। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण आदत हर रात 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना है। आराम कोई लग्जरी या विलासिता नहीं है, बल्कि यह एक जैविक जरूरत है। दिनभर के शारीरिक और मानसिक तनाव से उबरने तथा संपूर्ण कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है।

Related Articles

Back to top button