Friday , September 21 2018

30 मिनट में 9 ब्लास्ट कारने वाले 5 आरोपी दोषी करार, 31 को होगी सजा

बोधगया। बिहार के बोधगया में 7 जुलाई 2013 को 30 मिनट के अन्दर 9 ब्लास्ट करने वाले आरोपियों पर कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है। सीरियल ब्लास्ट मामले में पांचों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। जबकि कोर्ट 31 मई को इनकी सजा का ऐलान करेगा।

बोधगया

करीब 4 साल 10 महीने और 12 दिन के बाद कोर्ट के इस फैसले से उन सभी लोगों को संतुष्टि मिली है जो इस घटना के शिकार हुए थे। पटना सिविल कोर्ट में 2013 में गठित एनआईए कोर्ट का यह पहला फैसला है। बोधगया ब्लास्ट में एनआईए ने 90 गवाहों को पेश किए थे।

कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 11 मई, 2018 ख़त्म होने के बाद जजों ने अपना फैसला 25 मई यानी आज के सुरक्षित कर लिया था। इस सीरियल ब्लास्ट का आका हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी था। इनके साथ इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजीबुल्लाह अंसारी हैं। ये सभी बेउर जेल के बंद हैं।

यह भी पढ़ें : देश के इस प्रदेश का पारा हुआ सबसे ‘लाल’, ‘त्राहिमाम-त्राहिमाम’ चिल्ला रहे लोग

गौरतलब है कि ये पांचों दहशतगर्द बौद्धभिक्षु बनकर मंदिर में घुसे थे और अपने नापाक इरादों को पूरा करने में कामयाब हुए। इनमे से 3 आरोपी रांची के और 2 छत्तीसगढ़ के हैं। एनआईए ने इस मामले की जांच करने के बाद इन सभी आरोपियों पर 3 जून, 2014 को चार्जशीट दाखिल की थी। इस हमले में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे।

इन पांचों दोषियों ने रायपुर में इस घटना की साजिश रची थी। ब्लास्ट से पहले 5 बार रेकी की थी। राजातालाब स्थित एक मकान में हैदर का जेहाद के नाम पर ब्रेनवाश किया गया। हैदर को ब्लास्ट का सामान भी वहीं दिया गया। हैदर ने ब्लास्ट के पहले बोधगया का चार-पांच बार दौरा कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। हैदर और उसके साथी सिमी के सदस्य थे। हैदर ने बौद्ध भिक्षु बनकर मंदिर में प्रवेश कर विस्फोट किया था।

अजहर कुरैशी : छत्तीसगढ़ के रायपुर के राजातालाब के नया बस्ती का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। बोधगया में ब्लास्ट करने की योजना बनाने में रायपुर में शामिल था।

मुजीबुल्लाह अंसारी: रांची के ओरमांझी थाने के चकला गांव का निवासी है। 2014 से बेउर जेल में बंद है।

यह भी पढ़ें : पीएनबी घोटाला: प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपपत्र में दर्ज किए नीरव मोदी समेत 23 के नाम

हैदर अली: रांची के डोरंडा थाना के हाथीखाना का रहने वाला है। 2014 से बेउर जेल में बंद है। यह ब्लास्ट का सरगना है। बौद्ध भिक्षु बनकर ब्लास्ट किया था। पांच बार वहां की रेकी की थी।

इम्तियाज अंसारी: रांची के ध्रुवा थाने के सीटियों का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। ब्लास्ट करने में इसने हैदर का साथ दिया था। वह भी उस दिन गया आया था।

उमर सिद्दीकी : छत्तीसगढ़ के रायपुर के राजा तालाब के नूरानी चौक का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। इसी के घर पर ब्लास्ट की योजना बनी थी।

=>
LIVE TV