Monday , September 24 2018

मेरठ में आरएसएस का मेगा शो आज, 2019 के जीत की होगी तैयारी

नई दिल्ली। मेरठ में रविवार यानी आज से आरएसएस के समागम राष्ट्रोदय की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस समागम में तीन लाख से ज्यादा स्वयं सेवक राष्ट्रोदय समागम में हिस्सा लेंगे। आरएसएस के इस समागम में 14 जिलों से स्वयंसेवक पहुंचेंगे। समागम में हिंदुत्व के मुद्दे पर एकजुट करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसी के साथ यूथ पर पकड़ बनाने के लिए आरएसएस चीफ मोहन भागवत उनको एकता का पूरा ज्ञान बांट रहे हैं। विरोधी दलों को लेकर भाजपा हर शब्द का जवाब दे रही है।

आरएसएस

संघ प्रमुख के बिहार चुनाव से ठीक पहले आरक्षण के खात्मे और हाल ही में सीमा पर तनाव के चलते सेना की बाबत दिए बयान को लेकर तगड़ा विवाद चल रहा है।
खबरों के मुताबिक देश के सारे विपक्षी दलों के साथ-साथ पाकिस्तान भी नहीं चाहता कि बीजेपी 2019 में फिर से सत्ता में आए। लेकिन भाजपा 2019 में फिर से सत्ता में आने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इसी वजह से आरएसएस हिंदुत्व को जगाने के काम में लगी हुई है।

बता दें कि 2014 में सर्वाधिक 73 लोकसभा सीटें यूपी से ही बीजेपी को मिली थीं। वेस्ट यूपी सीट देने के मामले में सबसे अच्छा क्षेत्र रहा था। इसलिए वेस्ट यूपी के मेरठ में समागम कर 2019 के लिए बड़ा संदेश संघ देना चाहता है। हालांकि संघ के पदाधिकारी इसको राजनीतिक कार्यक्रम होने से इनकार करते हुए कहते हैं कि यह समाज को जागृत करने के लिए उठाया गया कदम है।

वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि संपूर्ण समाज में समरसता स्थापित करना संघ का ध्येय है। अमरीका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का कहना था कि बिखरा हुआ घर कभी खड़ा नहीं हो सकता। इसलिए समूह को खड़ा करने के लिए एकता की जरुरत है।

इसी के साथ संघ प्रमुख ने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का संदेश देते हुए कहा कि हमें टूटा हुआ दर्पण दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हम कई देशों की संस्कृति का जमावड़ा हैं, जबकि हम एक हैं। ऐसे में हम अपनों से ही अलग- अलग व्यवहार कर रहे हैं।

इसलिए आवश्यक है कि समता युक्त, शोषण मुक्त समाज के लिए हमें एक होना होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में हिन्दुओं की संख्या बड़ी है। अगर हिन्दू ‘हिन्दुस्तान’ की बात करते हैं तो कुछ लोगों को बड़ा कष्ट होता है। जबकि होना नहीं चाहिए। हिन्दू हिन्दुस्तान की बात नहीं करेगा तो कौन करेगा। भारत हमारी माता है और इसकी एकता, अखंडता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। हमें विविध रंगों को लेकर चलना होगा और उसका महोत्सव मनाना होगा।

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