
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण अभियान के तहत उम्मीद पोर्टल पर बड़ी कार्रवाई की गई है। कुल 1,18,302 पंजीकृत वक्फ संपत्तियों में से 31,328 का पंजीयन रद्द कर दिया गया है।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से दस्तावेजों में खामियों, खसरा नंबर के मिलान न होने, क्षेत्रफल में गड़बड़ी और अधूरे रिकॉर्ड के आधार पर की गई है। सबसे ज्यादा रद्दीकरण लखनऊ (1,114), बिजनौर (1,003) और सहारनपुर (990) में हुआ है।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने बताया कि यह प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया है। संपत्तियों की वक्फ हैसियत समाप्त नहीं हुई है। मुतवल्लियों को त्रुटियां सुधारने के लिए 5 जून 2026 तक समय दिया गया है। इसके बाद स्थायी रूप से रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है।



