
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ अयोध्या राम मंदिर के चंदे की चोरी, दुरुपयोग और गबन से संबंधित तीन याचिकाओं पर 13 जुलाई को अदालत के फिर से खुलने पर सुनवाई करेगी। इनमें दो याचिकाएं दायर की गई जो सीबीआई जांच की मांग करती हैं। इनमें तर्क दिया गया है कि योगी सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) निष्पक्ष, पारदर्शी और तटस्थ जांच के लिए भरोसेमंद नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने पिछले महीने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, लेकिन आश्वासन दिया था कि अदालत के 13 जुलाई को फिर से खुलने के बाद इसे सूचीबद्ध किया जाएगा। आरजेडी सांसद द्वारा दायर याचिका में अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी की सीबीआई जांच की मांग की गई है। इसमें मंदिर ट्रस्ट को 5 फरवरी, 2020 को अपनी स्थापना के बाद से प्राप्त सभी दान (धन और वस्तुओं सहित) का पूरा विवरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।




