
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित संत सम्मेलन एवं भागवत कथा कार्यक्रम में कहा कि राज्य को भारत की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
सीएम धामी ने संतों, आध्यात्मिक नेताओं और भक्तों की उपस्थिति में कहा कि उत्तराखंड आस्था, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। यहां की पावन नदियां, प्राचीन मंदिर और तीर्थस्थल देश-विदेश के साधकों के लिए प्राकृतिक आध्यात्मिक केंद्र हैं।
मुख्यमंत्री ने संतों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत और आध्यात्मिक संस्थाएं भारतीय मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित करने में सदैव अग्रणी रही हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में संतों ने समाज को शांति, सद्भाव और नैतिक जीवन की ओर प्रेरित किया है और आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं।




