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आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड: आधी रात कार से कुचलकर निर्मम हत्या, कौरई टोल से अहम सीसीटीवी फुटेज गायब

उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक नया और हैरान करने वाला मोड़ सामने आया है। इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है क्योंकि घटना से जुड़े अहम सुराग देने वाले कौरई टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज रहस्यमयी तरीके से गायब मिले हैं।

मेवाती गली, शाहगंज के रहने वाले ट्रांसपोर्टर असगर अली को बीती 4 अप्रैल की आधी रात को एक तेज रफ्तार कार से जानबूझकर टक्कर मारकर कुचल दिया गया था। शुरुआत में पुलिस ने इस पूरी घटना को महज एक सड़क हादसा मानकर उसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन बाद में सबूतों और परिजनों की शिकायत के आधार पर इस मामले को हत्या की धाराओं में बदल दिया गया।

इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में से एक रवि यादव के खिलाफ पुलिस पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने इस हत्या के पीछे एक गहरी साजिश का आरोप लगाया है। परिजनों का स्पष्ट रूप से मानना है कि इस हत्याकांड में एक महिला जीएसटी अधिकारी और उनके पति, जो नगर निगम में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, सहित कई अन्य रसूखदार लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल इन सभी गंभीर आरोपों और संदिग्धों की संलिप्तता की बारीकी से जांच कर रही है।

इसी बीच, आरोपी रवि यादव ने पुलिस की अब तक की विवेचना पर सवाल खड़े करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता और गहराई को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल करते हुए पुलिस को अग्रिम और निष्पक्ष विवेचना करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

अदालत के इन्हीं निर्देशों के बाद जब पुलिस कार में सवार अन्य लोगों की पहचान करने के लिए कौरई टोल प्लाजा पर सीसीटीवी फुटेज लेने पहुंची, तो टोल कर्मचारियों ने फुटेज उपलब्ध न होने की बात कहकर जांच टीम को चौंका दिया। कर्मचारियों की तरफ से पुलिस को सिर्फ टोल से गुजरने के दौरान स्कैन की गई कार की नंबर प्लेट की तस्वीरें ही मुहैया कराई गई हैं। लाइव वीडियो फुटेज न होने के कारण पुलिस के लिए यह पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है कि वारदात वाली रात उस जानलेवा कार के अंदर वास्तव में कितने और कौन-कौन लोग सवार थे। टोल प्लाजा से इतने अहम फुटेज का इस तरह उपलब्ध न होना कई तरह के गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और किसी बड़ी साजिश की आशंका को और भी गहरा कर रहा है।

सीसीटीवी फुटेज न मिलने की इस बड़ी बाधा के बावजूद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा नहीं भटकाई है। अदालत के सख्त आदेशों के बाद पुलिस ने नए सिरे से पुख्ता साक्ष्य जुटाने की कवायद तेज कर दी है। इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी गौरव सिंह ने बताया कि घटनास्थल से लेकर पूरे हाईवे मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

पुलिस की विशेष टीमें अब इन सभी कैमरों की फुटेज को खंगालने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। उनका दावा है कि घटना वाले दिन के जो भी प्रासंगिक फुटेज आसपास के कैमरों से प्राप्त होंगे, उन्हें साक्ष्य के तौर पर विवेचना में तुरंत शामिल किया जाएगा ताकि असगर अली हत्याकांड की पूरी सच्चाई जल्द से जल्द सबके सामने आ सके।

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