
उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां ठगों ने आम जनता के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में सामने आए छह अलग-अलग मामलों में जालसाजों ने लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर करीब 5.40 लाख रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली है।
इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। पीड़ितों द्वारा विभिन्न थानों में दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद पुलिस और साइबर सेल ने सक्रियता दिखाते हुए मामलों की गहन जांच शुरू कर दी है।
अपराधियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना और अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। कहीं रोजगार का झांसा दिया गया तो कहीं घरेलू उपकरणों की मरम्मत के नाम पर जाल बिछाया गया। उदाहरण के तौर पर, कोतवाली क्षेत्र के निवासी अविनेंद्र कुमार शर्मा को माइक्रोवेव ठीक कराने के बहाने एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसके बाद उनके दो बैंक खातों से सवा लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई।
इसी तरह सीबीगंज की रहने वाली शिवानी को नौकरी दिलाने का लालच देकर 87 हजार रुपये ठग लिए गए। साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने बिथरी क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी कपिल चौधरी के खाते से भी 80 हजार रुपये पार कर दिए। इसके अलावा इज्जतनगर के रामबाबू, नगरिया परीक्षित के हिमांशु कश्यप और उडला जागीर निवासी आरिफ खान के बैंक खातों से भी हजारों रुपये अवैध रूप से स्थानांतरित कर लिए गए।
ठगी का एक अन्य खौफनाक मामला बहेड़ी क्षेत्र के महादेवपुरम से सामने आया है, जहां केवल एक लिंक पर क्लिक करने से एक युवक की जीवन भर की गाढ़ी कमाई लुट गई। स्थानीय निवासी शिवांग गंगवार को टेलीग्राम ऐप पर एक अनजान व्यक्ति द्वारा लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने उस लिंक को खोला, उनके खाते से तुरंत 4.42 लाख रुपये साफ हो गए। इस घटना के बाद सीओ अरुण कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि साइबर सेल की मदद से टेलीग्राम लिंक और बैंक ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि अज्ञात आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर के अनुसार, इन सभी पीड़ितों ने सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके आधार पर कोतवाली, इज्जतनगर, बिथरी चैनपुर और सीबीगंज थानों में बाकायदा मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है।
अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी परिस्थिति में अपने संवेदनशील दस्तावेज, ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और न ही किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करें। लुभावने ऑफर्स, इनाम और अवांछित वीडियो कॉल्स से बचना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, रात में सोते समय इंटरनेट बंद रखने, अनावश्यक ऐप्स डाउनलोड न करने और सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखने की सलाह दी गई है।
किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का अंदेशा होने पर तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।




