
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र स्थित अटेरना गांव में हुए बहुचर्चित पपिंद्र हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पपिंद्र की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त अनीश ने शराब के नशे में हुए एक मामूली विवाद के बाद की थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अनीश को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं। इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य कारण शराब पीने के दौरान हुआ एक विवाद था, जिसमें पपिंद्र द्वारा मारे गए एक थप्पड़ का बदला लेने के लिए अनीश ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना दो सितंबर की रात की है। उस रात पपिंद्र और अनीश घर के बाहर एक खाली प्लॉट में बैठकर बीड़ी पी रहे थे और इसी दौरान दोनों ने शराब पीनी शुरू कर दी। जब उनकी शराब खत्म हो गई, तो अनीश ने पपिंद्र को सौ रुपये देकर एक और पव्वा मंगवाया। दोनों ने मिलकर वह शराब भी पी ली।
कुछ समय बीतने के बाद अनीश ने पपिंद्र पर दोबारा शराब लाने का दबाव बनाया। पपिंद्र ने यह कहते हुए मना कर दिया कि अब उसके पास पैसे नहीं हैं। इसी छोटी सी बात पर दोनों दोस्तों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसने जल्द ही एक हिंसक रूप ले लिया।
कहासुनी के दौरान जब अनीश ने पपिंद्र को अपशब्द कहे, तो पपिंद्र ने गुस्से में आकर अनीश को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ खाने के बाद अनीश कुछ देर वहीं खामोश बैठा रहा और फिर खुद शराब लेकर आने का बहाना बनाकर वहां से चला गया। अपमान से तिलमिलाए अनीश ने उसी वक्त पपिंद्र की हत्या कर थप्पड़ का बदला लेने की ठान ली थी। कुछ ही देर में वह अपने घर से एक मजबूत डंडा लेकर लौटा और पीछे से पपिंद्र के सिर पर जोरदार वार कर दिया। डंडे की तेज चोट से पपिंद्र बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद अनीश ने बिना कोई रहम खाए उसका गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी अनीश वापस अपने घर गया और वहां से एक फावड़ा लेकर घटनास्थल पर लौटा। उसने पास ही मौजूद कूड़े के एक बड़े ढेर में फावड़े की मदद से जगह बनाई और पपिंद्र के शव को उसमें छिपाकर ऊपर से कूड़ा-करकट डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। अगले दिन जब पपिंद्र घर नहीं लौटा, तो उसके चिंतित परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद कूड़े के ढेर से उसका शव बरामद हुआ।
पुलिस ने जब गहनता से जांच की और अनीश से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की सटीक निशानदेही पर पुलिस ने पास के लकड़ियों के ढेर से हत्या में प्रयुक्त डंडा और फावड़ा बरामद कर लिया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोमवार को आरोपी अनीश को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।




