
धर्मनगरी मथुरा के वृंदावन स्थित एक संस्कृत गुरुकुल में एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। चैतन्य विहार सेक्टर-2 में संचालित इस गुरुकुल के परिसर में मौजूद करीब 12 फीट गहरे पानी के टैंक की सफाई करने उतरे चार छात्रों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।
इस भयावह हादसे में एक अन्य छात्र भी गैस की चपेट में आ गया, जिसकी हालत अस्पताल में बेहद नाजुक बनी हुई है। ज्ञान और संस्कार के मंदिर में अचानक हुए इस जानलेवा हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब गुरुकुल के छात्र लंबे समय से बंद पड़े पानी के टैंक की सफाई करने के इरादे से उसके भीतर उतरे। काफी समय से बंद रहने के कारण टैंक के अंदर अत्यधिक जहरीली गैस बन चुकी थी। जैसे ही पहला छात्र सफाई के लिए नीचे उतरा, वह दम घुटने के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा।
अपने साथी को अचानक अचेत होता देख अन्य छात्रों में बेचैनी फैल गई। उसे बचाने की जद्दोजहद में एक के बाद एक अन्य छात्र भी उस जानलेवा टैंक में उतरते चले गए। दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकालने की इस निस्वार्थ और मानवीय कोशिश ने एक बड़े हादसे का रूप ले लिया और गैस की चपेट में आकर सभी छात्र अचेत हो गए।
इस दर्दनाक घटना में अपनी जान गंवाने वाले होनहार छात्रों की पहचान 22 वर्षीय मनू कटारे, 19 वर्षीय विशू शर्मा, 16 वर्षीय आर्यन पांडेय और 17 वर्षीय देवांश शर्मा के रूप में हुई है। जो युवा अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना लेकर यहां शिक्षा ग्रहण करने आए थे, उनकी इस तरह अचानक हुई अकाल मृत्यु से गुरुकुल परिसर में हाहाकार मचा हुआ है। सूचना मिलने के बाद से ही पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और जिलाधिकारी सीपी सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में मौत की मुख्य वजह टैंक के भीतर बनी जानलेवा जहरीली गैस को ही माना जा रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए सघन जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गुरुकुल के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक आखिर किसके स्तर पर हुई।



