
ममता बनर्जी ने सोमवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक में भाग लिया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय के अचानक अपने पद से इस्तीफा देने और पार्टी छोड़ने के बाद उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गईं। अपने इस्तीफे पत्र में रॉय ने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों में जनता का जनादेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में है।
गौरतलब है कि संसद और विधानसभा दोनों में बागी नेताओं ने ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि वे पार्टी के कामकाज से निराश हैं और राज्य में पार्टी के पतन के लिए अभिषेक को जिम्मेदार ठहराया है। वही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सूत्रों ने बताया है कि पार्टी को लगता है कि बागी सांसदों में से कम से कम पांच पार्टी में वापस लौट आएंगे।



