
बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वाइब’ (Vibe) के लिए किए गए गजब के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा में हैं। ‘कलयुग’ फेम एक्टर ने हाल ही में ‘ऑनेस्टली सेइंग पॉडकास्ट’ पर बताया कि उन्हें 80 किलो से 71-72 किलो वजन तक पहुंचने में करीब एक साल का वक्त लगा। इस दौरान उन्होंने डाइट में बदलाव के साथ-साथ हफ्ते में एक दिन 24 घंटे का ‘वॉटर फास्ट’ (सिर्फ पानी पीकर उपवास करना) भी किया।
आइए जानते हैं कुणाल खेमू की इस फिटनेस जर्नी के बारे में और यह भी कि क्या आम लोगों को 24 घंटे का वॉटर फास्ट करना चाहिए या नहीं।
कुणाल खेमू की वेट लॉस जर्नी और डाइट प्लान
कुणाल ने पॉडकास्ट में बताया कि वजन घटाने के लिए उन्होंने 16 घंटे की इंटरमिटेंट फास्टिंग से शुरुआत की थी। वह जल्दी डिनर कर लेते थे और अगले दिन सुबह वर्कआउट के बाद ही कुछ खाते थे। बाद में उन्होंने हफ्ते में एक बार 24 घंटे का वॉटर फास्ट करना शुरू कर दिया, जो उन्होंने लगातार 6 हफ्तों तक किया।
- कैसा रहा अनुभव? कुणाल ने बताया, “18वें से 20वें घंटे के बीच सबसे ज्यादा भूख लगती है और यह समय बहुत मुश्किल होता है। लेकिन इसके बाद शरीर एक अलग तरह की ऊर्जा महसूस करता है। ऐसा लगता है जैसे आपने कैफीन पी ली हो।” उन्होंने फास्टिंग को शरीर की रिकवरी और प्राकृतिक रूप से जवां (de-age) दिखने के लिए फायदेमंद बताया।
- अनाज छोड़ा: कुणाल ने 4 महीने तक अपनी डाइट से अनाज (grains) पूरी तरह हटा दिया था और हाई-फैट, हाई-प्रोटीन डाइट ली। उनका दावा है कि अनाज छोड़ने से उन्हें सालों से हो रही एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) की समस्या से भी राहत मिली, जबकि आयुर्वेद भी इसमें नाकाम रहा था।
क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
बेंगलुरु के एस्टर आरवी अस्पताल की सीनियर क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट अदिति प्रसाद आप्टे ने कुणाल की फिटनेस जर्नी और फास्टिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
- सिर्फ डाइट से काम नहीं चलता: कुणाल ने कहा था कि वेट लॉस ‘90% डाइट का खेल है’, लेकिन न्यूट्रिशनिस्ट आप्टे का कहना है कि यह पूरी तरह सच नहीं है। फैट घटाने के साथ-साथ मसल्स बनाए रखने के लिए प्रोटीन इंटेक, पर्याप्त नींद, रिकवरी और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) बहुत जरूरी है।
- वजन घटने की सही रफ्तार: कुणाल ने एक साल में 8-9 किलो वजन कम किया। एक्सपर्ट के अनुसार, धीरे-धीरे और लगातार वजन घटाना सबसे सही तरीका है, क्योंकि इससे नतीजे लंबे समय तक टिकते हैं।
- एसिड रिफ्लक्स और अनाज: आप्टे ने बताया कि ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है कि अनाज खाने से एसिड रिफ्लक्स होता है। मसालेदार, ज्यादा फैट वाले और रिफाइंड कार्ब्स वाले खाने से यह समस्या होती है। कुणाल को राहत इसलिए मिली होगी क्योंकि उन्होंने वजन कम किया और प्रोसेस्ड फूड खाना बंद कर दिया।
क्या आपको 24 घंटे का वॉटर फास्ट करना चाहिए?
न्यूट्रिशनिस्ट आप्टे के अनुसार, कुछ स्वस्थ वयस्कों के लिए कभी-कभार फास्टिंग ठीक हो सकती है, लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं है और अक्सर इसकी जरूरत भी नहीं होती।
किसे फास्टिंग नहीं करनी चाहिए?
- डायबिटीज के मरीज: खासकर जो शुगर कम करने की दवाएं ले रहे हैं, क्योंकि इससे शुगर लेवल खतरनाक रूप से नीचे गिर सकता है (हाइपोग्लाइसीमिया)।
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
- बच्चे और किशोर।
- ऐसे लोग जिन्हें कोई पुरानी बीमारी है या शरीर में पोषण की कमी है।
फास्टिंग के साइड इफेक्ट्स:
लंबे समय तक भूखे रहने से सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत हो सकती है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वालों के लिए जरूरी टिप्स (Dos and Don’ts)
- अचानक लंबे समय तक भूखा रहने के बजाय छोटी फास्टिंग विंडो से शुरुआत करें (जैसे 12 या 14 घंटे)।
- जब आप खाएं (ईटिंग विंडो), तो संतुलित भोजन लें जिसमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स हों।
- व्रत के दौरान पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- अगर फास्टिंग के दौरान लगातार चक्कर आए, बेहोशी लगे या उल्टी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
(यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी तरह की नई डाइट या फास्टिंग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।)




