
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए काल बन गई है। जिले के बबेरू कोतवाली और मरका थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो अलग-अलग गांवों में रात के अंधेरे में दीवारें भरभराकर गिर गईं।
इन हादसों में मलबे के नीचे दबने से दो बुजुर्ग महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक मवेशी ने भी जान गंवा दी। दोनों ही मामलों में परिजनों ने आनन-फानन में महिलाओं को मलबे से निकालकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इन दुखद घटनाओं से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
पहली दर्दनाक घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सिमौनी गांव में घटी। यहां रहने वाली 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला प्यारी बीती रात करीब तीन बजे अपने छप्पर के नीचे सो रही थीं। उसी दौरान भारी बारिश की वजह से उनके पड़ोसी की कमजोर दीवार अचानक उनके छप्पर के ऊपर आ गिरी।
इस भीषण हादसे में प्यारी बुरी तरह मलबे में दब गईं और उनके एक मवेशी की भी मलबे में कुचलकर मौत हो गई। मृतका के दामाद रामधनी ने जानकारी दी कि परिवार में तीन बेटियां और चार बेटे हैं, जो महज तीन बीघे कृषि भूमि पर खेती करके अपना जीवन यापन करते हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है।
वहीं, दूसरी दुखद घटना मरका थाना क्षेत्र के बैरफ गांव स्थित कहैन्या के डेरे में सामने आई। रात करीब एक बजे 60 वर्षीय महदेईया गहरी नींद में सो रही थीं। लगातार बारिश के कारण अचानक उनके घर की कच्ची मिट्टी की दीवार ढह गई और वे सीधे भारी मलबे की चपेट में आ गईं। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला और बदहवास हालत में तुरंत सीएचसी ले गए। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतका के मझले बेटे बलवीर के अनुसार, उनका परिवार बेहद गरीब है और मेहनत-मजदूरी करके ही अपना गुजारा करता है। महदेईया अपने पीछे तीन बेटियों और दो बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, जिन पर इस हादसे के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।




