
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, इन महत्वपूर्ण सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जबकि मतदान 16 अक्टूबर 2026 को संपन्न कराया जाएगा।
इस बहुप्रतीक्षित ऐलान के साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने संभावित उम्मीदवारों के चयन तथा चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश से जुड़ी इन 10 राज्यसभा सीटों का चुनाव राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि इन खाली हो रही सीटों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे बड़े और कद्दावर नेताओं के कार्यकाल से जुड़ी सीटें भी शामिल हैं।
चुनाव प्रक्रिया के तहत 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल होने के बाद दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी और फिर नाम वापसी का चरण पूरा होगा। इसके बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि कौन-कौन से प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव की इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। गौरतलब है कि यूपी विधानसभा में कुल 403 सदस्य हैं और संविधान तथा निर्वाचन नियमों के तहत यही निर्वाचक मंडल राज्यसभा के प्रतिनिधियों का चुनाव करता है।
अब पूरे प्रदेश और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें 6 अक्टूबर तक होने वाले नामांकनों पर टिकी हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान के साथ ही इन 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया अपने निर्णायक चरण में पहुंच जाएगी और परिणाम तय होंगे।



