
बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल मंगलवार की रात एक भीषण हादसे का गवाह बना। रात करीब तीन बजे अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने ICU वार्ड में अचानक आग भड़क उठी और पलभर में जहरीला धुआं पूरे भवन में फैल गया। प्रशासन ने अब तक 7 मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में 10 से अधिक लोगों की जान जाने और 30 से ज्यादा के घायल होने की आशंका जताई गई थी।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ICU वार्ड घने धुएं से पूरी तरह भरा हुआ था, जिस कारण बचाव दल को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस हादसे में ICU इंचार्ज भी बुरी तरह झुलस गए। इस पूरी त्रासदी के बीच एक बुजुर्ग महिला मरीज ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल खुद को बचाया, बल्कि बाहर निकलकर गार्ड को भी घटना की जानकारी दी।
मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि जिस ICU वार्ड में आग लगी, वहाँ केवल 13 बेड की क्षमता थी, लेकिन उस वक्त 15 मरीज भर्ती थे। यानी अस्पताल पहले से ही क्षमता से अधिक मरीज रख रहा था।
हादसे के बाद पीड़ित परिवारों ने डीएम से मिलकर अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। परिजनों और अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक आग लगते ही डॉक्टर और अधिकांश स्टाफ मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर वहां से भाग गए। इसके अलावा अस्पताल का फायर कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय था और सीढ़ियों का गेट बंद होने की वजह से लोगों को समय पर बाहर निकालने में भारी मुश्किल आई। हादसे के बाद भी प्रबंधन ने शवों की जानकारी देने में कोई सहयोग नहीं किया, जिससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया।
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।



