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पाकिस्तानी एजेंट को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में IAF अधिकारी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर हुआ हनी ट्रैप का शिकार

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि 44 वर्षीय एक सेवारत भारतीय वायुसेना (आईएएफ) विंग कमांडर को मई में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा हनीट्रैप किए जाने के बाद उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के साथ संवेदनशील रक्षा जानकारी और गोपनीय दस्तावेज साझा किए। अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी लगभग 50 दिन बाद दी है। उन्हें 30 मई को हिरासत में लिया गया था।

दिल्ली पुलिस के बयान के अनुसार, जांच टीम ने 30 जुलाई को संबंधित अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस ने कहा, “भारतीय वायुसेना अधिकारियों की शिकायत के आधार पर एक सेवारत वायुसेना अधिकारी को 30 मई को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंट द्वारा हनीट्रैप किया गया। जांच के बाद 30 जुलाई को सक्षम अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।”

आईएएफ प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारी सक्रिय निगरानी में थे और उन्हें उपयुक्त कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया।

ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला

विशेष सेल पुलिस स्टेशन में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (OSA) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। विशेष सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा संयुक्त पूछताछ के बाद अधिकारी को शहर की अदालत में पेश किया गया, जिसने जून में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वर्तमान में वे तिहाड़ जेल में बंद हैं।

कैसे हुआ हनीट्रैप

एक अधिकारी के अनुसार, विंग कमांडर व्यक्तिगत जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे थे। इस साल की शुरुआत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महिला ने उनसे दोस्ती की। दोनों ने संदेशों का आदान-प्रदान किया और एक सुरक्षित संचार ऐप के जरिए टेलीफोनिक बातचीत भी की। विश्वास हासिल करने के बाद महिला ने उन्हें फोटो और वीडियो के माध्यम से भारतीय रक्षा प्रणाली से संबंधित गोपनीय दस्तावेज और संवेदनशील विवरण साझा करने के लिए प्रेरित किया। उसने उनके सहयोगी के मोबाइल फोन पर एक ऐप इंस्टॉल करने को भी कहा, जो संभवतः डेटा चोरी और लोकेशन ट्रैक करने वाला स्पाइवेयर या रिमोट एक्सेस मैलवेयर था।

जांच कैसे शुरू हुई

आईएएफ की खुफिया शाखा को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए अधिकारी की गतिविधियों की जानकारी मिली। सबूतों के साथ दिल्ली पुलिस विशेष सेल को जानकारी दी गई। विशेष सेल की जांच से संकेत मिला कि हनीट्रैप करने वाली महिला पाकिस्तान आधारित हैंडलर्स के लिए काम कर सकती है और वह भारतीय रक्षा प्रणाली से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने वाले बड़े जासूसी नेटवर्क की सदस्य हो सकती है।

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