उत्तराखंड

देहरादून में विजयादशमी महोत्सव: सीएम धामी ने दिया ‘राम राज्य’ का संदेश, देवभूमि की सुरक्षा, समान नागरिक संहिता और सुशासन पर दोहराया संकल्प

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अक्टूबर को देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित भव्य दशहरा महोत्सव में हिस्सा लिया। इस पावन अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

उन्होंने बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों और आयोजन समिति को इस सफल और भव्य कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें सत्य की असीम शक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग का गहराई से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अंतिम विजय हमेशा सत्य और धर्म की ही होती है। रावण के पास अपार धन, बल और विशाल सेना थी, लेकिन उसकी अमर्यादित महत्वाकांक्षाओं और अहंकार ने ही उसका सर्वनाश कर दिया। इसके विपरीत, भगवान राम ने अपने जीवन से त्याग, आत्म-संयम, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों के सर्वोच्च आदर्श स्थापित किए।

अपने पिता के वचन का मान रखने के लिए राजसी सुखों को त्यागकर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके अगाध कर्तव्यबोध को दर्शाता है। धामी ने जनता से अपील की कि दशहरा केवल रावण का पुतला जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह आत्म-मंथन और स्वयं को शुद्ध करने का अवसर है। उन्होंने समाज से भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे की लत और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया।

देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता और सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार की सख्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 13,000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया गया है।

इसके अलावा, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही मुआवजे की वसूली के लिए राज्य में एक बेहद सख्त दंगा विरोधी कानून लागू किया गया है। ‘लैंड जिहाद’, ‘लव जिहाद’, जबरन धर्मांतरण और दंगे भड़काने जैसी साजिशों से निपटने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में 200 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया है और 500 से अधिक अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त किया गया है। साथ ही, ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के जरिए धर्म की आड़ में लोगों को गुमराह करने वाले पाखंडियों के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।

राज्य में न्याय और समानता की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना और राज्य में एक सुरक्षित एवं सामंजस्यपूर्ण वातावरण स्थापित करना है। शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर धामी ने कहा कि सरकार बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार विकसित करने पर जोर दे रही है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें। राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है और नकल विरोधी सख्त कानून लागू किया गया है। बीते पांच वर्षों में 35,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

सरकार का लक्ष्य युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर समान अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही, राज्य के आर्थिक विकास के लिए निवेश, उद्यमिता और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सुशासन के प्रति अपनी सरकार के विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आदर्श सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जन कल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित होती है। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित ‘राम राज्य’ की परिकल्पना को साकार करने पर जोर दिया, जो समानता, न्याय और सुशासन पर आधारित है।

उन्होंने सभी से सामूहिक प्रयास करने की अपील की ताकि एक ऐसा उत्तराखंड बनाया जा सके जहां महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले, युवाओं को प्रगति के अवसर मिलें और विकास की किरण समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस दिन देहरादून में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में भी शिरकत की।

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