
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अक्टूबर को देहरादून के हिंदू नेशनल कॉलेज में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित भव्य दशहरा मेले और रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने रावण के पुतले का दहन करते हुए पूरे प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उनके साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस पावन पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति का वह महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व इस बात का भी सशक्त स्मरण कराता है कि बुराई और अन्याय चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न प्रतीत हों, अंतिम जीत हमेशा सत्य की ही होती है।
रावण दहन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अनुष्ठान हमें अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लालच और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों को खत्म कर सदाचार अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके आदर्श, त्याग, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा आज भी समाज के लिए एक बड़ा सबक हैं।
भगवान राम ने अपने आचरण से यह सिखाया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मनुष्य को सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उनका जीवन हमें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने की सीख देता है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं व पौराणिक कथाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों का असली महत्व तभी है जब उनके आदर्शों को हम अपने दैनिक आचरण में उतारें।
इसी दिन मुख्यमंत्री ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल दशहरा समारोह में भी हिस्सा लिया, जहां 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। यहां उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने राज्यवासियों की सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
इसके साथ ही उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह से संकल्पित है और देवभूमि की पवित्रता या सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वाली किसी भी आसुरी शक्ति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का विस्तृत ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए एक व्यापक अभियान के तहत अब तक 13,000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने दंगाइयों से सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए लागू किए गए सख्त दंगा विरोधी कानून का भी प्रमुखता से जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि ‘लैंड जिहाद’, ‘लव जिहाद’, जबरन धर्मांतरण और दंगे भड़काने जैसी साजिशों से निपटने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 200 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया है और 500 से अधिक अनधिकृत निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा, धर्म के नाम पर पाखंड करने वालों और धर्म के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत लगातार और कड़ी कार्रवाई की जा रही है।



