उत्तर प्रदेशफतेहपुर

फतेहपुर में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा: तालाब में डूबने से तीन किशोरों की दर्दनाक मौत, त्योहारी खुशियां मातम में बदलीं

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। मूर्ति विसर्जन के पावन अवसर पर एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके की खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया। मंगलवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण तीन किशोरों की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा खागा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैजूपुर उर्फ खुशियारीपुर (मजरे कटोघन) गांव में हुआ। ग्रामीण बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ गांव के किनारे स्थित एक बड़े तालाब में मूर्ति विसर्जन के लिए पहुंचे थे। विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ युवक और बच्चे तालाब में स्नान करने लगे। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले पांच लड़के नहाते-नहाते पानी की गहराई में चले गए। दलदल या अत्यधिक गहराई होने के कारण वे अचानक पानी में डूबने लगे और वहां चीख-पुकार मच गई।

बच्चों को पानी में डूबता और संघर्ष करता देख वहां मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह पांचों लड़कों को बाहर निकाला। इनमें से दो लड़कों की जान बच गई, लेकिन तीन किशोरों—16 वर्षीय आदित्य, 17 वर्षीय राजन और 17 वर्षीय अभिमन्यु—की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।

आनन-फानन में परिजन और गांव वाले उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरदो पहुंचे। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीनों किशोरों को मृत घोषित कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) रवि सिंह ने इस घटना पर बयान देते हुए बताया कि प्रशासन की पूर्व निर्धारित योजना और निर्देशों के अनुसार मूर्तियों का विसर्जन नौबस्ता घाट पर किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश ग्रामीण मूर्तियों को लेकर गांव के ही स्थानीय तालाब में चले गए, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे और इसी वजह से यह दुखद हादसा घटित हो गया। इस अप्रत्याशित त्रासदी ने त्योहार के उल्लास को हमेशा के लिए एक दुखद याद में तब्दील कर दिया है।

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