Wednesday , August 23 2017

हमारे संत

शूटिंग के वक्त घायल हुए परम सिंह

परम सिंह

मुंबई | टेलीविजन धारावाहिक ‘गुलाम’ में रंगीला की भूमिका में नजर आ रहे अभिनेता परम सिंह हाथ में चोट लगने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। दरअसल, मारधाड़ वाले दृश्यों की शूटिग के दौरान परम के हाथों पर कांच लग गया। उल्लेखनीय है कि 10 जून को हादसे के बाद परम ...

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मनुष्‍य जन्‍म से अपराधी नही होता

अपराध

मोरारी बापू ने कहा कि आदमी तीन प्रकार के अपराध करता है एक आदतवश, दूसरा अनचाहा तथा तीसरा मुढ़ता के कारण। उन्होने कहा कि अगर आदमी की मानसिकता सत्य की उपासना वाली हो तो परमात्मा सभी मजबूरियां मिटा देता है। असत्य आता है तो प्रेम का प्रवाह अवरूद् हो जाता ...

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शरीर को बांधकर रखता है सांस का धागा

सांस

सांस वो धागा है, जो आपको शरीर से बांध कर रखता है। अगर मैं आपकी सांसें ले लूं तो आपका शरीर छूट जाएगा। यह सांस ही है, जिसने आपको शरीर से बांध रखा है। जिसे आप अपना शरीर और जिसे ‘मैं’ कहते हैं, वे दोनों आपस में सांस से ही ...

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अपने-आप में भी तलाशें ईश्वरत्वः श्री श्री रविशंकर

ईश्वरत्व

एक विचार को विचार के रुप में ही देखें, एक भावना को भावना के रुप में ही देखे तब आप खुल जायेगें अपने आप में ईश्वरत्व को देख पायेंगे। देखना इन्हें अलग-अलग परिणाम देता है। जब आप नकारात्मकता को देखते हैं तो ये तुरंत समाप्त हो जाती है और जब ...

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प्रारब्‍ध को देखकर मृत्‍यु को पहचानें: अोशो

मृत्‍यु

मृत्‍यु को दो प्रकार से जाना जा सकता है। या तो प्रारब्‍ध को देखकर या फिर कुछ लक्षण और पूर्वाभास है जिन्‍हें देखकर जाना जा सकता है। उदाहरण के लिए, जब कोई व्‍यक्‍ति मरता है तो मरने के ठीक नौ महीने पहले कुछ न कुछ होता है। साधारणतया हम जागरूक ...

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आतंकवाद का एकमात्र निदान : अवचेतन की सफाई

आतंकवाद

आतंकवाद की घटना निश्चित रूप से उस सबसे जुड़ी है, जो समाज में हो रहा है। समाज बिखर रहा है। उसकी पुरानी व्यवस्था, अनुशासन, नैतिकता, धर्म सब कुछ गलत बुनियाद पर खड़ा मालूम होता है। लोगों की अंतरात्मा पर अब उसकी कोई पकड़ नहीं रही। आतंकवाद का मतलब इतना ही ...

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अपने हाथों को बनाएं उर्जा का केंद्र

ऊर्जा

किसी विशेष मुद्रा में होने पर आपकी ऊर्जा एक खास तरह से काम करने लगती है। मुद्रा हाथों की एक खास स्थिति है। योग में मुद्राएं आपके शरीर को एक खास तरीके से व्यवस्थित करने के लिए होती हैं। आपने देखा होगा कि शास्त्रीय नृत्य में भी अनेक तरह की ...

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ईश्वर वो शक्ति है जिसके कारण सब कुछ हो रहा

ईश्वर

तुम क्या कहोगे अगर एक लहर सागर के अस्तित्व पर सवाल करे? सागर है तभी तो लहर है। जिसके कारण तुम खड़े हो, तुम्हारा अस्तित्व है, तुम सोचते हो, समझते हो, साँस लेते हो, वही भगवान है। ईश्वर क्या है? ईश्वर आकाश में यां कैलाश पर्वत पर बैठा कोइ व्यक्ति ...

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जीवन में संतोष की तलाश करो : ओशो

संतोष

वह व्यक्ति जो स्वस्थ, निर्भार, निर्बोझ, ताजा, युवा, कुंआरा अनुभव करता है, वही समझ पाएगा कि संतोष क्या है। अन्यथा तो तुम कभी न समझ पाओगे कि संतोष क्या होता है-यह केवल एक शब्द बना रहेगा। संतोष का अर्थ हैः जो कुछ है सुंदर है यह अनुभूति कि जो कुछ ...

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तनाव-मुक्त जीवन की ओर बढ़ो

तनाव

जब तुम तनाव  में होते हो, तब तुम्हारो भौहें चढ़ जातीं हैं। जब तुम इस तरह त्योरी चढाते हो, तब तुम चेहरे की  ७२ नसें और माँस-पेश्यियाँ उपयोग में लाते हो। लेकिन जब तुम मुस्कुराते हो तब उन में से केवल ४ का उपयोग करते हो। अधिक कार्य का अर्थ ...

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