
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र ‘सेंट्रल मार्केट’ में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा और सख्त ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के कड़े निर्देशों के अनुपालन में स्थानीय आवास एवं विकास परिषद द्वारा यह अहम कार्रवाई पूरी मुस्तैदी के साथ अंजाम दी जा रही है।
इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बेतरतीब और नियम विरुद्ध तरीके से बनी इमारतों को पूरी तरह ढहाना है। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के स्थानीय विरोध, हंगामे या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
ध्वस्तीकरण के इस व्यापक अभियान के तहत प्रशासन ने मुख्य रूप से पांच बड़े अवैध निर्माणों को अपने रडार पर लिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन चिन्हित निर्माणों में से तीन को बुलडोजर की मदद से पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है, जबकि बाकी बचे अन्य अवैध ढांचों पर भी बुलडोजर चलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने और इसे बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवास एवं विकास परिषद के आला अधिकारी खुद घटनास्थल पर मौजूद हैं। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा किसी भी अवैध कब्जाधारक को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क और सख्त नजर आ रहा है। सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े रास्तों और मुख्य मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है। आम जनता और वाहनों की आवाजाही को इस क्षेत्र में एहतियातन रोक दिया गया है ताकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान मलबा गिरने या किसी अन्य कारण से कोई अप्रिय घटना न घटे। बैरिकेडिंग के साथ-साथ सभी मार्गों पर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है, जिससे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से इलाके के अवैध कब्जाधारकों में खासा हड़कंप मचा हुआ है।




