भारत का एक ऐसा मंदिर जहां भोग में चप्पल चढ़ाते हैं लोग

भारत हमेशा से ही धार्मिक प्रधान देश रहा है। यहां प्राचीन काल से ही असंख्य मंदिर हैं। लोगों की भगवान में विशेष भक्ति के कारण यहां पर मंदिरों की कोई कमी नहीं है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां की अपनी अलग ही मान्यता है।

चप्पल

हम बात कर रहे हैं कनार्टक राज्य के लकम्मा देवी के मंदिर की। यहां हर साल ‘फुटवियर फेस्टिवल’ का आयोजन किया जाता है। जिसमें शामिस होने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। इस मंदिर की मान्यता है कि यहां आकर अगर माता को चप्पल चढाने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है।

इस फेस्टिवल में मुख्या तौर पर गोला (बी) नामक गांव के लोग बढ़-चढ़कर हिस्साक लेते हैं. यह फेस्टिवल अजीबोगरीब रिवाजों के कारण प्रसिद्ध है।

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हर साल इस फेस्टिवल का आयोजन अगर दिवाली के छठे दिन किया जाता है। लोग मन्नसत मांगते हैं उसे उसके पूरा होने के लिए मंदिर के बाहर स्थित एक पेड़ पर चप्पयलें टांगते हैं। यही नहीं लोग इस दौरान भगवान को शाकाहारी और मांसाहारी भोजन का भोग भी लगाते हैं।

लोगों की मानना है कि इस मंदिर में चप्पल चढ़ाने से ईश्वर सभी बुरी शक्तियों से आपको बचा कर रखते हैं। इस मंदिर में हर धर्म के लोग आते हैं। कहा जाता है कि माता भक्तों की चढ़ाई गई चप्पल को पहनकर अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

 

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